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फरीदाबाद: 12 साल की मासूम को रेप के बाद मार डाला, रेलवे ट्रैक पर फेंका शव; भाई को राखी बांधने गई थी मां

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फरीदाबाद के सेक्टर-चार स्थित एक झुग्गी में रह रही 12 वर्षीय एक बच्ची की गुरुवार रात दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई। वारदात को हादसा दिखाने के लिए आरोपियों ने उसके शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। चिकित्सक ने मृतका के विसरा को जांच के लिए रोहतक भेजा है। पुलिस अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या, पॉक्सो एक्ट और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।

परिजनों ने बताया कि गुरुवार रात करीब नौ बजे मृतका घर से यह कहकर गई थी कि वह झुग्गी के पास स्थित रेलवे लाइन किनारे शौच करने जा रही है। करीब आधे घंटे बाद जब वह घर वापस नहीं लौटी तो उसकी तलाश शुरू की गई। करीब साढ़ नौ बजे वह उसे रेलवे ट्रैक पर पड़ा देखा गया। उसके शरीर के कई भागों पर चोट के निशान थे। उसके शरीर से रक्तस्राव भी हो रहा था। उसके कपड़े अस्तव्यस्त थे। परिजनों के अनुसार उसकी मौत हो चुकी थी।

तुरंत मामले की जानकारी पुलिस हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बीके अस्पताल भेज दिया। पुलिस परिजनों की शिकायत पर हत्या, पॉक्सो एक्ट व अन्य धाराओं में मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।

परिजनों ने बताया कि मृतका मूलरूप से बिहार के आरा जिले की रहने वाली थी। उसके पिता की मौत तीन महीने पहले बीमारी के कारण हो चुकी है। तब से उसकी मां चारों भाई बहनों के भरण-पोषण के लिए एक निजी कंपनी में काम करती है। दिन में मां के ड्यूटी चले जाने पर वह अपनी एक बहन व भाई के साथ पास में रह रहे बड़ी बहन और जीजा के यहां रहती थी। रात में मां के काम से लौटने पर घर जाती थी।

भाई को राखी बांधने दिल्ली गई थी मां

परिजनों ने बताया कि गुरुवार को उसकी मां दिल्ली अपने भाई के यहां गई थी। अपनी बच्चों को दिल्ली से रात में नहीं लौटने की बात कहकर गई थी। उसने अपने तीनों बच्चों को बड़ी बेटी के घर छोड़ा था। परिजनों ने बताया कि झुग्गी में शौचालय की व्यवस्था नहीं होने के चलते उसके परिवार के सदस्य शौच करने पास स्थित रेलवे लाइन पर जाते हैं। रात में भी रोज की तरह बच्ची रेलवे लाइन पर शौच करने गई थी। लेकिन वह वापस नहीं लौटी

आतंकवादी बिट्टा कराटे की पत्नी समेत कश्मीर के चार सरकारी कर्मचारी नौकरी से बर्खास्त

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सरकार में रहकर कश्मीर में अलगाववादियों और आतंकवादियों के लिए काम कर रहे सरकारी कर्मचारियों पर एक बार फिर कड़ी कार्रवाई की गई है। इस बार सरकार ने कश्मीरी हिंदुओं की हत्याओं में शामिल आतंकी बिट्टा कराटे की पत्नी असबा समेत चार कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। नौकरी से निकाले गए इन कर्मचारियों में कश्मीर यूनिवर्सिटी के दो प्रोफेसर भी शामिल हैं।

सरकार ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311 के तहत कार्रवाई करते हुए राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्त सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। सरकार ने चार कर्मचारियों की सेवाएं बर्खास्त कर दी हैं। इन कर्मचारियों की गतिविधियां खुफिया एजेंसियों और कानूनी व्यवस्था बनाने वाली एजेंसियों के नोटिस में आई थी कि ये कर्मचारी राज्य सुरक्षा के लिए खतरा हैं और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए गए हैं।

सरकार ने इस संबंध में 30 जुलाई 2020 को कमेटी का गठन किया था, जिसने मिली जानकारी, रिकार्ड और दस्तावेजों की जांच की। कश्मीर विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस विभाग में वैज्ञानिक-डी डॉ मुहीत अहमद भट, कश्मीर विश्वविद्यालय के मैनेजमेंट स्टडी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर माजिद हुसैन कादरी, जम्मू-कश्मीर उद्यमिता विकास संस्थान में प्रबंधक आइटी सैयद अब्दुल मुइद और ग्रामीण विकास निदेशालय कश्मीर में डीपीओ असबा-उल-अरजामंड खान शामिल हैं। असबा आतंकवादी फारूक अहमद खान उर्फ बिट्टा कराटे की पत्नी है।

मुहीत अहमद भट कश्मीर विश्वविद्यालय में अलगाववादी-आतंकवादी एजेंडा चला रहे थे और पाकिस्तान प्रायोजित कट्टरवाद के लिए विद्यार्थियों को प्रोत्साहित कर रहे थे। कश्मीर विश्वविद्यालय में माजिद हुसैन कादरी जो सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर तैनात थे, का संबंध लंबे समय तक आतंकी संगठनों के साथ रहा है, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा भी शामिल है। उन्हें खिलाफ जन सुरक्षा कानूनी के तहत मुकदमा दायर किया गया था और विभिन्न आतंकी संबंधी मामलों में अलग-अलग धाराओं के तहत एफआइआर भी दर्ज हैं।

जम्मू कश्मीर उद्यमिता विकास संस्थान में प्रबंधक आइटी सैयद अब्दुल मुइद की भूमिका पांपोर के सेमपोरा में संस्थान कांपलेक्स पर हुए हमले में भी रही है। संस्थान में रहते हुए उनकी अलगाववादी ताकतों के साथ हमदर्दी भी थी। इसी तरह बिट्टा कराटे की पत्नी असबा ने पासपोर्ट हासिल करने के लिए गलत जानकारी दी। उसका विदेशी लोगों के साथ संपर्क रहा, जो भारतीय सुरक्षा के लिए खतरा थे। वे लोग आइएसआइ के पेरोल पर काम कर रहे थे। असबा भारत विरोधी गतिविधियों को जम्मू-कश्मीर में चलाने के लिए धनराशि जुटाने का काम भी करती थी।

क्या है हर घर तिरंगा अभियान? जानिए 15 अगस्त और गणतंत्र दिवस के झंडोत्तोलन में अंतर

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नई दिल्ली: आजादी के 75वीं वर्षगांठ पर आजादी के अमृत महोत्सव के तहत केंद्र की मोदी सरकार की ओर से पूरे देश में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान चलाया जा रहा है. इस मौके को ऐतिहासिक बनाने के लिए भारत में जगह-जगह सरकारी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और राज्य सरकारों द्वारा तिरंगे का वितरण भी किया जा रहा है. आम तौर पर भारत में तिरंगा प्रत्येक साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर फहराया जाता है, लेकिन इन दोनों मौकों पर तिरंगा झंडा के फहराने में अंतर है. आइए, सबसे पहले जानते हैं ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के बारे में, उसके बाद स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के मौके पर झंडोत्तोलन के अंतर के बारे में जानेंगे.

क्या है ‘हर घर तिरंगा’ का मकसद
सबसे पहले हम आपको बताते हैं कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान क्या है? दरअसल, आजादी के 75 साल पूरा होने के उपलक्ष्य में सरकार की ओर से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान की शुरुआत 11 अगस्त को की गई है और यह 15 अगस्त तक अनवरत जारी रहेगा. सरकार के इस अभियान के तहत पूरे देश में करीब 20 करोड़ से अधिक घरों पर तिरंगा झंडा फहराया जाना है. इसके लिए देश के निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठानों और विभागों को शामिल किया गया है. इस अभियान के शुरू होने के बाद से ही देश के विभिन्न स्थानों के घरों, दफ्तरों और प्रतिष्ठानों पर तिरंगा झंडा लगाया गया है. भारत में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान चलाने के पीछे सरकार का मकसद आबादी में ‘देशभक्ति की भावना’ पैदा करना और भारत की आजादी में प्रमुखता से भागीदारी निभाने वाले महापुरुषों के बलिदान और कर्तव्य का बोध करना है.

स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर झंडोत्तोलन में अंतर
अब हम आपको भारत में स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के मौकों पर फहराए जाने वाले तिरंगा के अंतर के बारे में बताते हैं.

पहला अंतर : जब हम देश में 15 अगस्त के दिन स्वतंत्रता दिवस के मौके पर झंडोत्तोलन करते हैं, तो इसमें बांस या लोहे के खंभे में लटकाए गए तिरंगे को नीचे से रस्सी द्वारा खींच कर ऊपर ले जाया जाता है. इसके बाद उसे खोल कर फहराया जाता है. इसे हम ध्वजारोहण भी कहते हैं. भारतीय संविधान में ध्वजारोहण को फ्लैग होस्टिंग (Flag Hoisting) भी कहा गया है. ऐसा 15 अगस्त 1947 की ऐतिहासिक घटना को सम्मान देने के लिए किया जाता है. भारत की आजादी मिलने के बाद प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने भी तिरंगा झंडा फहराने के समय ऐसा ही किया था. वहीं, गणतंत्र दिवस के मौके पर जब हम प्रत्येक साल 26 जनवरी को झंडोत्तोलन करते हैं, तो तिरंगा बांस या लोहे के खंभे के ऊपर ही बंधा रहता है, जिसे खोल कर फहराया जाता है. संविधान में इसे फ्लैग अनफर्लिंग (Flag Unfurling) कहा गया है.

दूसरा अंतर : इसके बाद दूसरा अंतर यह है कि जब हम 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं, तो भारत के प्रधानमंत्री दिल्ली स्थित लाल किले के प्राचीर पर तिरंगा झंडे से ध्वजारोहण करते हैं, क्योंकि स्वतंत्रता दिवस के दिन भारत का संविधान लागू नहीं हुआ था. वहीं, जब हम देश में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाते हैं, तो भारत के राष्ट्रपति दिल्ली स्थित इंडिया गेट के राजपथ पर तिरंगा झंडे को फहराते हैं. भारत में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस इसलिए मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन 1950 को देश में भारत का संविधान लागू किया गया था और भारत को पूरी दुनिया में एक गणतांत्रिक देश के रूप में मान्यता मिली थी. गणतंत्र दिवस को भारत के राष्ट्रपति तिरंगा झंडा इसलिए फहराते हैं, क्योंकि वे देश के संवैधानिक प्रमुख होते हैं.

तीसरा अंतर : स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारत के प्रधानमंत्री दिल्ली स्थित लाल किले के प्राचीर पर तिरंगे का ध्वजारोहण करते हैं. वहीं, गणतंत्र दिवस के मौके पर भारत के संवैधानिक प्रमुख होने के नाते देश के राष्ट्रपति इंडिया गेट के राजपथ पर तिरंगा झंडा फहराते हैं.

बड़ी खबर: 15 अगस्त को होने वाला था बड़ा धमाका!, दिल्ली पुलिस ने बरामद किये 2 हजार कारतूस

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नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस आने में कुछ ही दिन शेष है और इन सभी के बीच दिल्ली से एक बड़ी खबर आई है। जी दरअसल यहाँ स्वतंत्रता दिवस आने से तीन दिन पहले दिल्ली पुलिस ने करीब दो हज़ार कारतूस बरामद किए हैं। इस मामले में अधिकारियों ने आज यानी शुक्रवार को खुद जानकारी दी है। जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि कारतूस की बरामदगी दिल्ली पुलिस की पूर्वी जिला इकाई ने की है। आप सभी को बता दें कि पूर्वी दिल्ली पुलिस ने आनंद विहार इलाके से 2 बैग के साथ सप्लायर को गिरफ्तार किया है।

इसी के साथ कहा जा रहा है पुलिस की तरफ से अब इन सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और यह भी पूछा जा रहा है कि ये लोग इन 2 हजार कारतूस को कहां पर सप्लाई करने जा रहे थे। दूसरी तरफ आपको हम यह भी जानकारी दे दें कि 15 अगस्त को लेकर पूरी दिल्ली समेत लालकिले पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए है। जी हाँ और इन सभी के बीच पुलिस को जानकारी मिली कि आनंद विहार इलाके में दो संदिग्ध है जिसके पास हथियार हो सकता है।

आपको बता दें कि दिल्ली हमेशा से आतंकियों के निशाने पर रही है और 15 अगस्त से लेकर 26 जनवरी तक को लेकर अलर्ट रहा जाता है ताकि कोई बड़ी वारदात ना हो सके। पुलिस भी हमेशा अलर्ट रहती है और लोगों पर अपनी नजर बनाए रखती है, हालाँकि इस बार स्वतंत्रता दिवस आने से तीन दिन पहले दिल्ली पुलिस ने करीब दो हज़ार कारतूस बरामद किए हैं जो लोगों के लिए राहतभरी खबर है।

दिल्ली में दिल दहलाने वाली घटना, 25 साल के युवा पर ताबड़तोड़ चाकुओं से हमला, मौत

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असल न्यूज़: दिल्ली में होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई कर चुके युवक की बेरहमी से चाकू मारकर हत्या कर दी गई. मर्डर का पूरा वीडियो CCTV में रिकॉर्ड हो गया. वीडियो में युवक को 4 से 5 लोग चाकू मारते नजर आ रहे हैं और भीड़ तमाशबीन बनी हुई है. घटना साउथ दिल्ली के मालवीय नगर इलाके का है. जानकारी के मुताबिक मृतक मयंक होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई कर चुका था. वीडियो के विभत्स होने के कारण हम आपको उसे नहीं दिखा सकते.

दरअसल, 11 अगस्त को 25 साल का मयंक मालवीय नगर इलाके में अपने दोस्त के साथ बैठा हुआ था. तभी 4-5 अज्ञात लोगों से मयंक की किसी बात को लेकर बहस हुई और 4-5 लड़कों ने मयंक और उसके दोस्त पर पत्थरों से हमला किया. मयंक और उसका दोस्त वहां से जान बचाकर भाग गए.

घेरकर किए ताबड़तोड़ हमले
मयंक ने सोच लिया था कि वो बच गया है और अब वो बाजार के दूसरे हिस्से में पहुंच चुका था. लेकिन आरोपी अभी भी उनके पीछे थे. आरोपियों ने उनका पीछा करना नहीं छोड़ा और मालवीय नगर बाजार वाले इलाके के DDA मार्केट में फिर से मयंक को घेर लिया.

मयंक अकेला था और चारों ओर से आरोपियों से घिरा हुआ था. इसके बाद भीड़-भाड़ वाले मार्केट में आरोपियों ने मयंक पर ताबड़तोड़ चाकुओं से हमला कर दिया. सीसीटीवी में साफ दिखाई दे रहा है कि कैसे मयंक पर आरोपी लड़के चाकुओं से वार कर रहे हैं और बाकी लोग तमाशबीन बने हुए हैं.

अधमरा छोड़कर फरार हो गए आरोपी
ताबड़तोड़ हमले के बाद मयंक को अधमरा छोड़कर आरोपी फरार हो गए. मयंक के दोस्त ने सड़क पर मौजूद लोगों की मदद से घायल अवस्था में उसको दिल्ली AIIMS में भर्ती करवाया. हालांकि, उसकी हालत ऐसी थी कि डॉक्टर उसे बचा नहीं पाए और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर केस की जांच शुरू कर दी है, लेकिन आरोपी अब भी फरार है. बड़ा सवाल ये है कि भीड़-भाड़ वाले इलाके में हत्याकांड को अंजाम दे दिया गया और कोई भी शख्स बीच बचाव करने नहीं आया.

दिल्ली पुलिस ने इनामी बदमाश को गिरफ्तार कर लिया

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असल न्यूज़: दिल्ली स्पेशल सेल पुलिस (Delhi Special Cell Police) की टीम ने लूट के दो मामलों के इनामी वांटेड बदमाश को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है (Delhi Police arrested prize crooks). गिरफ्तार बदमाश की पहचान ज़ाकिर अहमद के रूप में हुई है, जो दिल्ली के सुभाष विहार इलाके का रहने वाला है. पुलिस को उसके पास से एक पिस्टल और चार कारतूस बरामद हुए हैं.

डीसीपी स्पेशल सेल मनीष चंद्रा (DCP Special Cell Manish Chandra) के अनुसार आरोपी ने अपने साथी आज़ाद के साथ मिल कर 18 जनवरी को रानी बाग थाना इलाके में गन पॉइंट पर दो बिजनेसमैन से सोने के गहने और एक लाख रुपये की लूट के वारदात को अंजाम दिया था. इसके बाद उसने 10 दिनों के अंदर ही 28 जनवरी को मंगोलपुरी थाना इलाके में फिर से दो बिजनेसमैन से सोने के गहने और कैश लूट लिए थे. इन दोनों वारदात में रानी बाग और मंगोलपुरी थाने में मामला दर्ज करके जांच शुरू की गई थी.जांच में जुटी मंगोलपुरी थाने की पुलिस ने 11 फरवरी को लूट में शामिल ज़ाकिर अहमद के सहयोगी आज़ाद को गिरफ्तार कर लिया, जबकि ज़ाकिर लगातार फरार चल रहा था. आजाद ने पूछ ताछ में ज़ाकिर के साथ मिल कर वारदात को अंजाम देने की बात कही थी. फरार होने के कारण आरोपी ज़ाकिर की गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था.

डीसीपी ने बताया कि स्पेशल सेल पुलिस, आतंकवाद और अन्य संगठित अपराध में शामिल अपराधियों को पकड़ने के साथ-साथ उन अपराधियों को भी पकड़ने में लगी है, जो कुख्यात और इनामी हैं. इसी क्रम में पुलिस को अपने सूत्रों से जानकारी मिली के 11 अगस्त को ज़ाकिर अपने किसी सहयोगी से मिलने और फिर किसी वारदात को अंजाम देने के लिए सोनिया विहार के ढाई पुश्ता स्थित एसकेआई क्रिकेट अकेडमी के पास आ रहा है, जिस के बाद पुलिस टीम ने ट्रैप लगा कर वजीराबाद रोड पर आरोपी को दबोच लिया, उसकी तलाशी में 32 बोर की एक सोफिस्टिकेटेड पिस्टल (Sophisticated Pistol) और चार कारतूस बरामद किया गया. जिसे जब्त करके पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है.

जांच में पता चला है कि वांटेड बदमाश ज़ाकिर अहमद पर करोल बाग और सीलमपुर थाने में दो मामले दर्ज पहले से दर्ज हैं. जिनमें से करोल बाग थाने में सितंबर 2020 में दर्ज मामले में कोर्ट द्वारा इसके खिलाफ नॉन बेलेबल वारंट भी इश्यू किया गया था, इस मामले में पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करके आगे की जांच में जुट गई है.

मेडिटेशन द्वारा तनाव से मुक्ति विषय पर ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय एवं इंडियन मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा कार्यशाला का आयोजन

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नई दिल्ली। आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में, माँ तुझे सलाम थीम को लेकर पत्रकारों एवं राजनेताओं हेतु मेडिटेशन द्वारा तनाव मुक्ति विषय पर एक प्रेरक कार्यशाला स्थानीय एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर, नई दिल्ली में संपन्न हुआ। यह आयोजन प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय एवं इंडियन मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

मुख्य अतिथि के रूप में कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज जो संस्कार देती है वो निश्चित रूप से हमारे जीवन के लिए फलदायक है। आध्यात्मिकता के आधार पर ही विश्व को हमने नैतिक मापदंड अपनाने की प्रेरणा दी है। भारत के दर्शन एवं आध्यात्मिकता को देश विदेश में फ़ैलाने का श्रेय विश्व व्यापी ब्रह्माकुमारी संस्था को जाता है।

आईआईएमसी, भारतीय जन संचार संस्थान के महानिदेशक प्रोफेसर संजय द्विवेदी ने कहा कि अध्यात्म से मोटिवेशन की शक्ति बढ़ जाती है एवं अपने मन के लिए समय निकालने और राजयोग से एक आदर्श और सुंदर दुनिया बनाई जा सकती है । अपने जीवन में अध्यात्म और प्रकृति को साथी बनाये तो जीवन में तनाव नहीं होगा ।

ब्रह्माकुमारी संस्था की तनाव प्रबंधन विशेषज्ञ राजयोगिनी बी के आशा ने कहा कि अपने जीवन में दृढ़ता एवं स्वमान को बढ़ाकर मूल्यो, सत्यता, प्रेम, शांति के बल से तनाव को सदा के लिए दूर कर सकते है।

न्यूज़ 24 की एडिटर इन चीफ श्रीमति अनुराधा प्रसाद ने कहा कि आज के पत्रकार दोधारी तलवार पर चल रहे है। इसलिए ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा सिखाये जा रहे राजयोग मैडिटेशन का नियमित अभ्यास की जरुरत है जिससे हम पत्रकार अपने व्यक्तिगत और व्यवसायिक जीवन के तनाव को कम कर सकते है।

वरिष्ठ पत्रकार डॉ0 वेद प्रताप वैदिक ने कहा कि निष्पक्षता, निस्वार्थ, न्यायपूर्ण पत्रकारिता से पत्रकार तनावमुक्त रह सकते है। राजनेताओं को तनावमुक्त होने के लिए वोट और नोट से ऊपर उठकर जन कल्याण के अर्थ कार्य करना होगा।

देशभक्ति पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम नृत्य कल्प डांस एकेडमी के बच्चों के द्वारा प्रस्तुत किया गया । वन्देमातरम व माँ तुझे सलाम पंक्तियों पर आधारित देशभक्ति नृत्य गीत संगीत के द्वारा 300 से अधिक उपस्थित दर्शकों का स्वस्थ मनोरंजन किया गया। मंच पर विशेष अतिथियों में दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त दीपेन्द्र पाठक, ( आई पी एस ), ब्रह्माकुमारी संस्था के दिल्ली और हरियाणा में स्थित अनेक राजयोग सेवा केन्द्रों की निर्देशिका राजयोगिनी बी के, इंडियन मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव निशाना, कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया।

प्रेम प्रसंग में रोड़ा बन रहे पति को पत्नी पैट्रोल डालकर जिंदा जलाया, मासूम बेटे ने बयां की खौफनाक दास्तां

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उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक खौफनाक वारदात सामने आई है। यहां एक महिला ने अपने प्रेम प्रसंग में बाधक बन रहे पति को पैट्रोल डालकर जिंदा जला दिया। चीखपुकार सुनकर मौके पर पहुंचे पड़ोसियों ने पति को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसकी मौत हो गई। वहीं महिला के बेटे ने बताया कि मम्मी किसी अंकल से फोन पर बात करती थी। पापा इसके लिए मम्मी को डांटते थे। वहीं मृतक के भाई ने अपनी भाभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

दिल्ली में हुई थी पत्नी की किसी से दोस्ती
घटना मथुरा शहर के पास स्थित गांव बरहाना की है। परिवार वालों ने बताया कि चमन (40 वर्ष) दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी में नौकरी करता था। काफी समय तक दिल्ली में अपनी पत्नी रेखा और तीन बच्चों को लेकर रहा। जहां उसकी पत्नी रेखा की किसी युवक से दोस्ती हो गई। आरोप है कि दोनों की दोस्ती प्रेम प्रसंग में बदल गई। चमन को जब इस बात की जानकारी हुई तो उसने विरोध किया। इसके बाद चमन सभी को लेकर वापस आ गया, लेकिन महिला ने उस युवक से बात करने का सिलसिला जारी रखा।

सोते हुए पति पर उड़ेल दिया पैट्रोल, लगा दी आग
परिवार वालों ने बताया कि फोन पर बात करने को लेकर रेखा और उसके पति से विवाद होता रहता था। घटना से एक दिन पहले भी दोनों के बीच में विवाद हुआ था। आरोप है कि सुबह तड़के सोते हुए पति पर महिला ने पैट्रोल उड़ेल दिया। इसके बाद उसे आग लगा दी। आग की लपटों से घिरे चमन की चीखपुकार सुन पड़ोसी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने गंभीर हालत में चमन को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

बच्चों को दूसरे कमरे में बंद कर दिया
वहीं के बेटे ने बताया कि मम्मी ने जब पापा को जला दिया तो हम लोग चीखने लगे। इस पर मम्मी ने हमें दूसरे कमरे में बंद कर दिया। इस खौफनाक घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक चमन के भाई अमर सिंह ने अपनी भाभी रेखा के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है। थाना प्रभारी अनुज राणा ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में जांच की जा रही है।

15 अगस्त को दोपहर 3.15 बजे महा राष्ट्रगान का आयोजन होगा

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नई दिल्ली। पब्लिक सर्विसेज एंड सेफ्टी ट्रस्ट (पंजी.) के तत्वावधान में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान पर आजादी के अमृत महोत्सव को लेकर स्वतन्त्रता दिवस के पावन अवसर पर दिनांक 15 अगस्त 2022 (सोमवार) को दोपहर सही 3.15 मिनट पर पूरे देश में महा-राष्टगान का आयोजन किया जाएगा। ट्रस्ट के राष्ट्रीय संयोजक सुरेन्द्र मलिक ने बताया, कि करोलबाग स्थित 108 फुट ऊंची हनुमान बाबा प्रतिमा वाले मंदिर के महंत ओमगिरि महाराज की प्रेरणा से इस महा-राष्टगान से पूर्व दो मिनट का अलर्ट संदेश चलेगा, जिन्हें आडियो और वीडियो संदेश के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

मलिक ने बताया,कि इस कार्य के लिए युद्धस्तर पर दिन रात तैयारियां जारी है।स्कुलो,कालेजो से लेकर देश के हर जनमानस तक राष्ट्रभक्ति के इस संदेश के साथ सामूहिक राष्ट्रगान एक निश्चित समय पर हो इसके लिए मीडिया सोशल मीडिया इलैक्ट्रोनिक मीडिया सहित अन्य संसाधनों का सहारा लिया जा है।

उन्होंने बताया कि बार-कोड के माध्यम से यह महा राष्ट्रगान जन जन के लिए प्रेरणादायी बने,उसी के लिए यह पहला प्रयास किया जा रहा है।इस वृहत संचालन के लिए राजधानी दिल्ली के जाने माने शिक्षाविद् वी.पी.टंडन, सतीश कुमार सोलंकी,प्रीति दुआ, मिथलेश मलिक,मीनू कोहली,पुष्पा जिंदल, रामकुमार गुप्ता,सौरभ कश्यप आदि की टीम दिन-रात लगी है।

नाबालिग लड़की को दिल्ली ले जाकर बेच दिया था इस शख्स ने, अब 8 साल बाद कोर्ट ने सुनाया फैसला

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झारखंड की एक अदालत ने नाबालिग लड़की को दिल्ली ले जाकर बेचने के दोषी व्यक्ति को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 45,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनायी है. गुमला के अपर लोक अभियोजक जावेद हुसैन ने बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी ने गुलाब साहू को भारतीय दंड संहिता की धारा 365, 367 और 370 के तहत सजा सुनाई और जुर्माना लगाया.

डेढ़ साल बाद पीड़िता ने किया फोन
अपर लोक अभियोजक ने बताया कि वर्ष 2014 में 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को गुलाब साहू दिल्ली में काम दिलाने के बहाने बहला-फुसलाकर ले गया था. पीड़िता के पिता फसिया ढोढरीटोली के एक किसान हैं. पीड़ित के पिता ने अपने स्तर पर खोजबीन की लेकिन कुछ पता नहीं चला. लगभग डेढ़ साल बाद पीड़िता ने घर पर फोन कर बताया कि उसे गुलाब साहू दिल्ली में काम दिलाने के बहाने ले आया और कुछ दिन काम कराने के बाद एक कमरे में बंद कर जबरन साथ में रखा है.

आठ साल बाद सुनाई गई सजा
साहू बसिया थाना क्षेत्र के घुनशेरा गांव का रहने वाल है. उसने पीड़ित के पिता को फोन कर उससे रकम मांगी और दिल्ली आने को कहा लेकिन साहू ने पीड़िता को उसके पिता के हवाले नहीं किया और वहां से फरार हो गया. इसके बाद पीड़िता के पिता ने गुमला थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर साहू को गिरफ्तार किया. अदालत ने मामले में सभी गवाहों की गवाही और साक्ष्यों के आधार पर आठ वर्षों बाद उसे शुक्रवार को कठोर सजा सुनायी.

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