अजय शर्मा: राजधानी दिल्ली के नरेला इलाके में लोक निर्माण विभाग (PWD) डिविजन-13 की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
नरेला से सिंघु बॉर्डर की ओर जाने वाली सड़क, जो महज दो दिन पहले ही बनाई गई थी, अब जगह-जगह से टूटकर उखड़ गई है। सड़क की इस खराब हालत ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
📍 दो दिन में ही सड़क हुई खराब
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़क का निर्माण हाल ही में PWD डिविजन-13 द्वारा कराया गया था, लेकिन बनते ही सड़क कई जगह से टूटने लगी।
लोगों का आरोप है कि इस बारे में PWD अधिकारियों को सूचना भी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। सड़क की स्थिति अभी भी वैसी ही बनी हुई है।
⚠️ पहले भी सामने आ चुका है मामला
यह पहला मामला नहीं है जब PWD डिविजन-13 पर सवाल उठे हों।
बता दें बीते कुछ महीने भी खेड़ा रोड पर भी इसी तरह की शिकायत सामने आई थी, जहां नई बनी सड़क भी अगले ही दिन उखड़ गई थी।
बता दें कि यहां निगम पार्षद बीजेपी से योगेश राणा है
खेड़ा रॉड वाले मामले को भी “असल न्यूज़” ने गंभीरता से उठाया था, मामला मीडिया में आने के बाद ही सड़क का दोबारा निर्माण कराया गया था।
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🏛️ जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल
इस क्षेत्र से बीजेपी से विधायक राज कर्ण खत्री है और नरेला से स्थानीय निगम AAP पार्षद सविता नरेश खत्री है
हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गंभीर मुद्दे पर अब तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने खुलकर प्रतिक्रिया नहीं दी है।
🚧 घटिया निर्माण के आरोप
इलाके के लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसके चलते सड़क इतनी जल्दी खराब हो गई।
लोगों का यह भी कहना है कि PWD डिविजन-13 में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हो रहा है, लेकिन इसके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
❗ स्थानीय लोगों में नाराजगी
सड़क की खराब हालत से लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने और PWD डिवीजन-13 के भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई मांग की है

