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दिल्ली में बदलने जा रही शराब की दुकानों की सूरत, खिड़की में हाथ डालकर लेने वाला सिस्टम होगा बंद

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असल न्यूज़: देश की राजधानी की शराब नीति लंबे समय से चर्चा में है. अब दिल्ली में 17 नवंबर से नई आबकारी नीति के तहत दुकानें खोली जाएंगी, जिसमें कई तरह के बदलाव देखने को मिलेंगे. अब सरकार ने शराब बिक्री से लेकर शराब के लाइसेंस तक कई नियमों में बदलाव कर दिए हैं. इस नीति के तहत दिल्ली में शराब खरीदने की उम्र को लेकर भी नियमों में बदलाव किए गए हैं और अब शराब की दुकान को लेकर भी नए नियम हैं. यानी अब दिल्ली में शराब की दुकानें नई तरह से दिखाई देने वाली है.

दिल्ली में शराब की दुकानों में जल्द ही बड़े बदलाव होने जा रहे हैं और अब आपको काउंटर से शराब नहीं लेनी होगी. आइए जानते हैं कि दिल्ली में शराब की दुकान कैसी होने वाली हैं और ग्राहकों को किस तरह से शराब की बिक्री की जाएगी. 

  • अब शराब की दुकानें किसी भी बाजार, मॉल, सड़क, कॉम्पलेक्स आदि में ही मिलेगी.
  • स्कूल, धार्मिक संस्थानों के आसपास शराब की दुकान नहीं खोल सकेंगे.
  • फिलहाल दिल्ली में कई वार्ड ऐसे है जहां एक भी दुकान नहीं है और कई वार्ड ऐसे हैं जहां 10-15 दुकानें पास-पास हैं. इसलिए दिल्ली को 32 जोन में बांटकर इसका रेशनलाइजेशन भी किया गया है.
  • अब दुकानों पर ग्राहकों को जाल से हाथ डाल कर शराब नहीं खरीदनी होगी. शराब लेने के लिए ग्राहक को अंदर जाकर ही शराब खरीदनी होगी. ऐसे में आपको सुपर मार्केट की तरह अंदर जाना होगा और पसंद की शराब लेनी होगी और इसका बिल चुकाना होगा.
  • हर ग्राहक को दुकान में एंट्री दी जाएगी और वो वहां जाकर खुद शराब लेंगे.
  • सभी दुकानों में कांच के दरवाजे लगाए जाएंगे.
  • इस नीति के तहत ग्राहक किसी दुकान के बाहर या फुटपाथ पर भीड़ जमा नहीं कर सकेंगे.
  • सभी दुकानदारों को अपनी दुकान में AC लगाना होगा.
  • सभी दुकानदारों को अब CCTV कैमरे लगाने होंगे और दुकान के बाहर भी सीसीटीवी कैमरे लगे होने आवश्यक हैं. इसके अलावा दुकानदारों को 1 महीने तक इसकी रिकॉर्डिंग भी रखनी होगी.
  • दुकानदार को दुकान के बाहर लॉ एंड ऑर्डर की व्यवस्था बनाकर रखनी होगी. अगर दुकानदार की शिकायत मिलती है तो उसके खिलाफ एक्शन लेकर उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा.
  • दुकान का कारपेट एरिया कम से कम 500 स्कवायर फीट होना चाहिए.

कुछ दिन बंद रहेंगी शराब की दुकानें

दिल्ली में अक्टूबर से शराब की प्राइवेट दुकानें बंद होने जा रही हैं. एक अक्टूबर से 16 नवंबर के बीच 47 दिन तक सिर्फ सरकारी दुकानों पर ही शराब की बिक्री होगी. एक अक्टूबर से अगले 47 दिन तक दिल्ली में सिर्फ सरकारी दुकानों पर शराब की बिक्री होगी.

बंद हो जाएंगी 260 प्राइवेट दुकानें

वर्तमान में दिल्ली में अभी 720 से ज्यादा शराब की दुकानें चलती हैं, जिसमें 260 प्राइवेट दुकानें हैं. नई आबकारी नीति के अनुसार सभी 32 जोन में लाइसेंस के आवंटन के बाद सरकार ने निजी शराब की दुकानों का लाइसेंस 30 सितंबर तक के लिए बढ़ाया था, उसे अब आगे जारी नहीं किया जाएगा. इस वजह से एक अक्टूबर से सभी 260 प्राइवेट दुकानें बंद हो जाएंगी.

चरणजीत चन्नी का मुख्यमंत्री बनना सिद्धू के लिए है फायदे का सौदा… समझिए पूरा खेल

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असल न्यूज़: पंजाब कांग्रेस (Punjab Congress) का अध्यक्ष बनने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) ने जालंधर स्थित सचखंड बलां डेरा जाकर मत्था टेकने को फैसला किया. सचखंड बलां पंजाब के दलित सिख समुदाय का बेहद प्रसिद्ध और जाना माना डेरा है. इस दौरे पर सिद्धू के साथ उनकी करीबी साथी चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjit Singh Chhani) भी साथ थे, जिन्होंने राज्य में रविदासिया समुदाय के डेरे की राजनीति का महत्व बहुत पहले ही भांप लिया था. सिद्धू और चन्नी के बीच बेहद अच्छी दोस्ती है. चन्नी की राजनीति के इतर बात करें तो उन्हें ज्योतिष में बहुत विश्वास है, जिसमें सिद्धू की भी गहरी आस्था है. पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष चाहते थे कि मुख्यमंत्री की कुर्सी पर एक ऐसा व्यक्ति बैठे जो उनके लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी का रास्ता प्रशस्त करें ना कि चुनौती बन जाए. चन्नी (Charanjit Singh Chhani) इस भूमिका के लिए परफेक्ट थे.

इसलिए सिद्धू द्वारा सुखजिंदर रंधावा के नाम का विरोध जाने पर कोई हैरानी नहीं चाहिए जिन्हें आलाकमान लगभग मुख्यमंत्री चुन ही लिया था. सिद्धू चाहते थे कि उनका आदमी सरकार चलाए. चमकौर साहिब विधानसभा से तीन बार के विधायक चन्नी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ अभियान का खुले तौर पर समर्थन किया था और उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर करने में अहम भूमिका निभाई. चन्नी अमरिंदर के खिलाफ लगातार बयान दे रहे थे. यही नहीं पंजाब कांग्रेस के पद पर सिद्धू की नियुक्ति के बाद किसी भी दौरे पर चन्नी हमेशा उनके साथ ही रहते थे.

अमरिंदर के खिलाफ मुखर थे चन्नी
रविवार को चन्नी के साथ राजभवन पहुंचे सिद्धू ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए ट्वीट किया, ‘ऐतिहासिक! पंजाब के पहले भावी दलित मुख्यमंत्री… इतिहास में इसे स्वर्णाक्षरों में लिखा जाएगा. भारतीय संविधान और कांग्रेस की भावना को नमन! बधाई.’ चन्नी, सिद्धू के साथ तबसे हैं, जबसे उन्होंने कैप्टन की अगुवाई वाली सरकार में मंत्री पद छोड़ा था. पंचकुला में अप्रैल के दरम्यान एक निजी आवास पर असंतुष्ट मंत्रियों की हुई बैठक में चन्नी ने फ्रंट की अगुवाई की थी और मुख्यमंत्री के खिलाफ बागियों का चेहरा बनकर उभरे थे.

‘सत्ता पर सिद्धू की अप्रत्यक्ष पकड़’
सिद्धू की तरह ही चन्नी भी अमरिंदर सरकार के कटु आलोचक थे और 2015 में हुए बेअदबी मामले में बादल परिवार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने को लेकर लगातार सरकार पर निशाना साध रहे थे. इसके साथ ही चन्नी ने कैप्टन सरकार की बिजली नीति पर भी लगातार सवाल उठाए थे सार्वजनिक रूप से बयान दिया था. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यही वजह है कि रंधावा का नामांकन बीच में ही खारिज हो गया, और उनकी जगह चन्नी को चुना गया. यह अप्रत्यक्ष रूप से अगले पांच महीनों के लिए सिद्धू को मुख्यमंत्री बनाए जाने की तरह है.

नए मोड़ पर पंजाब की राजनीति
पंजाब की राजनीति जाट सिख केंद्रित दिखती है, लेकिन राज्य में दलितों की आबादी 33 फीसदी है. विश्लेषकों को कहना है कि कांग्रेस ने दलित मुख्यमंत्री बनाकर सूबे की राजनीति को दिलचस्प मोड़ दे दिया है.

मालवा क्षेत्र से चन्नी पंजाब के दूसरे मुख्यमंत्री होंगे. उनसे पहले ज्ञानी जैल सिंह 1972 से 1977 के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री रहे. ज्ञानी जैल सिंह ने आनंदपुर साहिब की रोपड़ विधानसभा का प्रतिनिधित्व किया था.

दिल्ली: भ्रष्टाचार के आरोप में BJP से बाहर हुई पार्षद पूजा मदान ने ज्वाइन की AAP

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असल न्यूज़: दिल्ली नगर निगम चुनाव से पहले बीजेपी ने भ्रष्टाचार के आरोप में तीन पार्षदों को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इसमें पूर्वी दिल्ली निगम के न्यू अशोक नगर की रजनी बबलू पांडेय, दक्षिणी दिल्ली सैदउलाजाब से निगम पार्षद संजय ठाकुर और मुखर्जी नगर उत्तरी दिल्ली निगम की पूजा मदान शामिल हैं। पार्षद पूजा ने अब आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया है।

पूजा के पार्टी ज्वाइन करने पर विधायक दिलीप पांडेय ने कहा कि पूजा मदान पर पहले कोई आरोप नहीं थे। लेकिन जैसे ही बीजेपी को ये खबर लगी कि पूजा आम आदमी पार्टी ज्वाइन करने जा रही है तो उन पर झूठे आरोप लगा दिए गए।

साढ़े चार साल बाद बीजेपी के भ्रष्ट नजर आ रहे अपने पार्षद- AAP
वहीं उत्तर दिल्ली नगर निगम में विपक्ष नेता मुकेश गोयल ने कहा कि साढ़े चार साल बीत जाने पर बीजेपी को अपने पार्षद भ्रष्ट नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्षदों को कई बार बस अल्टीमेटम दिया गया। जब भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए तभी उन्हें पार्टी से निष्कासित क्यों नहीं किया।

पार्षदों पर भ्रष्ट आचरण और कार्यकर्ताओं के अनदेखी का आरोप
बता दें कि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता की तरफ से जारी निष्कासन पत्र में तीनों पार्षदों पर भ्रष्ट आचरण और कार्यकर्ताओं के अनदेखी का आरोप लगाया है। गुप्ता ने कहा कि पार्टी किसी भी तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करेगी। गुप्ता ने कहा कि पार्षदों का निष्काषन खेद का विषय है लेकिन पार्टी शिकायतों की अनदेखी नहीं कर सकती और इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रख सकती है।

गुप्ता ने कहा कि पार्षदों को उनकी गतिविधि और शिकायतों के बारे में पहले भी सुधार के लिए कहा था, लेकिन चेतावनी के बाद भी उनके व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अब सब सीमा पार कर इन पार्षदों की भ्रष्टाचार में लिप्त होने की बात सामने आने के बाद निष्कासन की कार्रवाई की गई है।

अलीपुर थाना पुलिस ने दिया मानवता का परिचय दुर्घटनाग्रस्त कार से निकाला चालक को

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नीति सैन। दिल्ली पुलिस अब दिल की पुलिस बन चुकी है। ताजा मामला बीती रात का है। अलीपुर थाना पुलिस को सूचना मिली कि बख्तावरपुर रोड पर एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई है जिसका चालक वहां बन रहे नाले में कार सहित जा गीरा जिसकी सूचना रात करीब 1:00 बजे अलीपुर थाना पुलिस को मिली देरी ना करते हुए अलीपुर थाने में तैनात इंस्पेक्टर राजीव कुमार इंस्पेक्टर रवि कुमार कांस्टेबल संदीप कॉन्स्टेबल राकेश की टीम मौके पर पहुंची और कार चालक को सब कुशल बाहर निकाल लिया।

कार चालक देर रात अपने घर शिव कुंज संत नगर बुराड़ी जा रहा था उसी दौरान उसकी कार के ब्रेक फेल हो गए जिसके चलते कार पर उसका नियंत्रण नहीं रहा और कार नाले में जा गिरी अलीपुर थाना पुलिस की मुक्ता जी के चलते जय नारायण साहू की जान बच पाई क्योंकि का हार उल्टी हो कर नाले में गिरी थी जिसके बाद पुलिस टीम ने काफी मशक्कत के बाद उसे कार से सब कुशल बाहर निकाल लिया।

जॉर्ज चिकित्सा के बाद जय नारायण साहू को अलीपुर थाना पुलिस की टीम ने उसके घर तक पहुंचाया।

पर्यावरण बचाने के संकल्प के साथ निगम बोध घाट पर तीन सीएनजी भठ्ठियों का उद्घाटन।

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नई दिल्ली। पर्यावरण बचाने के संकल्प के साथ निगम बोध घाट,जमना बाजार स्थित श्मशान घाट पर सीएनजी के तीन नए प्लेटफार्मों का उद्घाटन किया गया। नवनिर्मित भठ्ठियों का उद्घाटन विधायक ओमप्रकाश शर्मा,पूर्व मेयर उदिननि सरदार अवतार सिंह ने किया।श्री लक्ष्मणदास गुप्ता चेरिटेबल ट्रस्ट (रजि.) द्वारा श्री मती रुपरानी गुप्ता,श्री बनारसी लाल गोयल एवं चानन राम गुप्ता की स्मृति में घाट का संचालन कर रही बडी पंचायत वैश्य बीसे अग्रवाल (पंजी.)के मुख्य प्रंबधक श्री सुमन कुमार गुप्ता की सहमति के बाद विधिवत इन तीनों भठ्ठियों का अनावरण किया गया।इस अवसर पर महानंद प्रसाद प्रधान सहित सुमन गोयल (बंटी) एवं तरुण गुप्ता के कर कमलों द्वारा इन तीनों भठ्ठियों को समर्पित किया गया। मौके पर विशाल मिश्रा, अवधेश शर्मा, मनोज कुमार जिंदल,जय गोपाल, बलदेव गुप्ता, महेश सिंघल, प्रमोद सर्राफ, जगदीश व अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।

अलीपुर थाना पुलिस ने पेट्रोलिंग के दौरान रंगे हाथ दबोच झपटमार

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नीति सैन। अलीपुर थाना पुलिस ने बीती रात पेट्रोलिंग के दौरान एक झपट मार को गिरफ्तार किया है। आप बता दें बीती रात अलीपुर थाना पुलिस ने बकौली नंदू ढाबा के पास पेट्रोलिंग कर रही थी उसी दौरान पेट्रोलिंग में मौजूद एएसआई नरेंद्र, हेड कॉन्स्टेबल प्रदीप, कॉन्स्टेबल सुधीर पेट्रोलिंग कर रहे थे उसी दौरान पेट्रोलिंग टीम को सूचना मिली की एक जगह मारने राजगीर के साथ स्नैचिंग की वारदात को अंजाम दिया है। जिसके बाद पेट्रोलिंग टीम ने आरोपी का पीछा किया और थोड़ी दूर पर ही आरोपी को धर दबोचा तलाशी के दौरान आरोपी के पास से स्नैचिंग किए गए दो मोबाइल फोन वह वारदात में इस्तेमाल स्कूटी भी बरामद की गई है।

बाहरी उत्तरी जिले में हो रही बढ़ती वारदातों को देखते हुए बाहरी उत्तरी दिल्ली के डीसीपी राजीव रंजन सिंह ने तमाम थानों को अलर्ट कर रखा है। जिसके चलते इलाके में हो रही वारदातों को देखते हुए एसीपी विवेक भगत व एसएचओ अलीपुर संजीव कुमार बीट स्टाफ व पेट्रोलिंग टीम की टीम को अलग कर रखा है। जिसके चलते बीती रात अलीपुर थाना पुलिस को यह कामयाबी हासिल हुई है। और झपट मार को रंगे हाथ दबोच है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान गौरव इब्राहिमपुर के रूप में हुई है। आरोपी गौरव के पास से जो स्कूटी बरामद की गई है। वह बवाना थाना इलाके से चोरी की गई थी। वहीं चले गए दोनों मोबाइल फोन अलीपुर थाना इलाके से स्नैचिंग किए गए हैं। आरोपी गौरव के खिलाफ पहले भी कई अपराधिक मामले राजधानी दिल्ली के थानों में दर्ज है। जिनमें चोरी झपटमारी वेसिलेटिंग जैसी धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं। जिला ललितपुर थाना पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में जुटी है। वही अलीपुर थाना पुलिस का दावा है। कि इसकी गिरफ्तारी के बाद कुछ और अपराधिक मामले भी खुल सकते हैं।

शाहबाद डेरी थाना पुलिस की क्रैक टीम ने ऑटो लिफ्टिंग गैंग का किया भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार

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प्रदीप सिंह उज्जैन। शाहबाद डेरी थाना पुलिस ने मुखबिर खास की सूचना पर ऑटो लिफ्टिंग गैंग का भंडाफोड़ करते हुए ऑटो लिफ्टर को गिरफ्तार किया है आपको बता दें इन आरोपियों के खिलाफ हत्या आर्म्स एक्ट व लूटपाट जैसी धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं इनमें से कुछ अपराधी ऐसे हैं जो कोविड-19 के चलते पैरोल पर आए हुए थे लेकिन आने के बाद इन आरोपियों ने इलाके में वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया मुखबिर खास की सूचना के बाद एसएचओ शाहाबाद डेरी ने एक टीम का गठन किया जिसमें शामिल एसआई प्रवीण तोमर, एएसआई गुलाब, हेड कांस्टेबल प्रदीप, हेड कॉन्स्टेबल अभिनव, कॉन्स्टेबल अजय, कॉन्स्टेबल कुलदीप, कॉन्स्टेबल विकास, कॉन्स्टेबल अंकुर, कॉन्स्टेबल मुकेश, कॉन्स्टेबल संजय व अन्य पुलिसकर्मियों की टीम बनाई गई।

बाहरी उत्तरी दिल्ली के डीसीपी राजीव रंजन सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मुखबिर खास की सूचना के बाद क्रैक टीम शाहाबाद डेरी ने आरोपियों को धर दबोचा. गिरफ्तार आरोपियों के पास से ऑटो लिफ्टिंग की गई. 6 बाईके, एक स्कूटी, जिंदा कारतूस, एक चाबी का गुच्छा बरामद किया है गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ राजधानी दिल्ली के कई थानों में अपराधिक मामले दर्ज है जिनमें हत्या, लूटपाट, डकैती जैसी धाराएं शामिल है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रंजीत हाल ही में पैरोल पर बाहर आया था इसके बाद रंजीत ने अपने बाकी साथियों के साथ मिलकर ऑटो लिफ्टिंग की वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया. आपको बता दें आरोपी रंजीत के खिलाफ कश्मीरी गेट थाने में हत्या का मामला दर्ज है जिस पर यह पैरोल पर आया था लेकिन आरोपी ने पैरोल पर आने के बाद लगातार ऑटो लिफ्टिंग की वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया। दूसरे आरोपी की पहचान सागर के रूप में हुई है तीसरे आरोपी की पहचान मोनू उर्फ मोंटी चौथे आरोपी की पहचान सूरज पांचवे आरोपी की पहचान अर्जुन छठे आरोपी की पहचान अंकित के रूप में हुई है आरोपी अमन विहार इलाके के रहने वाले हैं और आसपास के इलाके में लगातार ऑटो लिफ्टिंग की वारदातों को अंजाम दिया करते थे।

शाहबाद डेरी थाना पुलिस का दावा है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इलाके के कई और अपराधिक मामले भी खुल सकते हैं क्योंकि राजधानी दिल्ली में हो रही ऑटो लिफ्टिंग की वारदातों में काफी इजाफा हुआ है इस गिरफ्तारी के बाद कुछ और मामले भी सामने आएंगे. फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है।

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार, श्रमिक शिक्षा बोर्ड के बढ़ते कदम

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नई दिल्ली: दत्तोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा 63वां स्थापना दिवस ‘श्रमिक शिक्षा दिवस’ के रूप में महाराष्ट्र सदन, कस्तूरबा गांधी मार्ग, नई दिल्ली में बडे़ हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में अनुराधा प्रसाद, विशेष सचिव, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार एवं विशिष्ठ अतिथि के रूप में सिबानी स्वैन, अपर सचिव एवं वित्तीय सलाहकार, उपस्थित रही। कार्यक्रम में बृजेश उपाध्याय, अध्यक्ष एवं हर्ष वैद्य, महानिदेषक, दत्तोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड के अतिरिक्त बोर्ड के अन्य अधिकारीगण प्रदीप के. मून, उपनिदेशक (मुख्यालय) प्रभारी, सी. प्रदीप कुमार, उपनिदेषक (शिक्षा) प्रभारी एवं सीमा द्विवेदी मिश्रा, आँचलिक निदेशक (उत्तरांचल) प्रभारी व बोर्ड के अन्य अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण भी मौजूद थे। कार्यक्रम में विशेष रूप से राष्ट्रीय स्तर के श्रमिक नेताओं, सामाजिक कार्यक्रताओं एवं मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों का आगमन हुआ जिसमें हिरण्मय पाण्ड्या, अध्यक्ष, भारतीय मजदूर संघ, शिव गोपाल मिश्रा, महासचिव, ऑल इन्ड़िया रेलवे मैन्स् फैडरेषन ने भी भाग लिया। कार्यक्रम में विभिन्न संगठित, असंगठित एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आये लगभग 180 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि अनुराधा प्रसाद, विशिष्ठ अतिथि सिबानी स्वैन, बृजेश उपाध्याय एवं हर्ष वैद्य जी द्वारा दीप प्रज्वलित कर एवं राष्ट्रीय गीत द्वारा किया गया ।

हर्ष वैद्य, महानिदेषक द्वारा बोर्ड के स्थापना दिवस एवं श्रमिक शिक्षा दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम में आये सभी अतिथि जनों, प्रतिभागियों एवं अन्य सभी उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का अभिनन्दन किया उन्होंने बताया कि 16 सितम्बर के दिन पूरे भारतवर्ष में श्रमिक शिक्षा दिवस बडे़ हर्षाेल्लास के साथ मनाया जाता है तथा बोर्ड की गतिविधियों के बारे में अवगत कराया। उन्होंने बताया कि किस तरह बोर्ड अपने स्थापना दिवस से लेकर आज तक संगठित, असंगठित एवं ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न श्रमिको को विभिन्न प्रषिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें अपने जीवन के प्रति सजग बनाने, श्रम संघों में कुषल नेतृत्व क्षमता विकसित करने, देश में मधुर औद्योगिक सम्बन्ध स्थापित करने, श्रमिकों की प्रबन्धन में भागीदारी में बढौतरी करने, औद्योगिक अनुशाशन स्थापित करने, सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ उत्पादकता बढ़ौतरी करने, सामाजिक कुरूतियों को दूर करने, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं जनसंख्या शिक्षा के प्रति सजग करने आदि में सफलतापूर्वक प्रेरित करता चला आ रहा है। उन्होंने बताया कि किस तरह कोविड-19 की वजह से पूरे भारतवर्ष में बदलाब आया है और इन्ही बदलावों के मध्यनजर भारत सरकार चार नये लेबर कोड को भारत देश में ला रही है और बोर्ड भारत सरकार द्वारा दिये गये अपने हर कार्य के प्रति सजग, जिम्मेदार एवं कर्तव्यनिष्ठ है। उन्होंने बताया बोर्ड भविष्य में श्रमिक वर्ग तक भारत सरकार की आगामी विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए विभिन्न नितिगत पहलूओं पर गम्भीरता से विचार एवं नई दिशा देना निरन्तर जारी रखे हुये है।


सिबानी स्वैन, अपर सचिव एवं वित्तीय सलाहकार, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा बताया गया कि बोर्ड निरन्तर असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की षिक्षा एवं रोजगार के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ उन तक अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों द्वारा पहुँचा रहा है। उन्होंने बताया कि शिक्षा एक ऐसा माध्यम है जो कि श्रमिक वर्ग आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान के लिए प्रमुख भूमिका निभाती है। उन्होंने बताया भारत सरकार द्वारा वर्ष 2019 में ‘प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना’ लागू की गई जिसके अधीन अंसगठित क्षेत्र के श्रमिकों हेतु पेंशन की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि पिछले महीने भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा अंसगठित क्षेत्र के श्रमिकों हेतु ‘ई-श्रम’ पोर्टल शुरू किया गया है जिसमें अब तक लगभग 22 लाख असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों द्वारा अपना पंजीकरण कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अंसगठित क्षेत्र के सभी श्रमिकों का पंजीकरण कराना भारत सरकार का लक्ष्य है जिसको सफल बनाने में बोर्ड की भूमिका भी अहम होगी ताकि असंगठित क्षेत्र के सभी पंजीकृत श्रमिकों को सरकारी योजनाओं को लाभ मिल सकें। उन्होंने कहा कि मंत्रालय के निर्देशानुसार बोर्ड द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचिन जनजाति के श्रमिकों हेतु विशेष कार्यक्रम भी सफलतापूर्वक आयोजित किया जाता है जिसके लिए मंत्रालय द्वारा काफी सराहना की गई। बृजेश उपाध्याय ने बताया कि शिक्षा एवं श्रमिक शिक्षा दो अलग-अलग प्रकार की बातें है। उन्होंने बताया कि बोर्ड भारत देश के श्रमिक वर्ग को एक अलग प्रकार से प्रशिक्षित करने का कार्य करता है जिससे उनकी समाज एवं देश के प्रति भागीदारी और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि दत्तोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड एक त्रिपक्षीय संस्था है जिसमें उद्योग जगत एवं श्रम संघ के प्रतिनिधिगण जिनका सीधा सम्पर्क श्रमिक वर्ग के साथ होता है। उन्होंने बताया कि हमारी बोर्ड की वास्तविक शक्ति, हमारे बोर्ड में कार्यरत अधिकारीगण या कर्मचारीगण नही है अपितु सम्पूर्ण उद्योग जगत के प्रतिनिधि, श्रम संघो के प्रतिनिधि एवं अन्य संस्थान जो सीधे तौर पर श्रमिकों से जुड़े हुये होते है, हमारी समूचित श्रम शक्ति है। उन्होंने बताया कि बोर्ड ने एक महत्वकाक्षी कार्य अपने हाथ में लिया है जिसमें एक श्रमिक आजीवन सेवा योग्य बना रहें, वह अपना काम करते हुये भी प्रशिक्षण प्राप्त करता रहें जिसके लिए बोर्ड ने इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विष्वविद्यालय (इग्नू) के साथ एक प्रमाणपत्र प्रषिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाना है जिससे श्रमिक निरन्तर अपने कौशल का विकास करता रहें।

अध्यक्ष महोदय द्वारा कहा कि गया कि माननीय प्रधानमंत्री श्री मोदी जी द्वारा डिजिटलाईजेशन पर विशेष जोर दिया जाता रहा है जिसको अपनाने व अपनी कार्यशैली में लाने के लिए बोर्ड निरन्तर कार्य कर रहा है। इन्हीं दिशाओं में बोर्ड संकल्पशील है। बोर्ड के श्रमिक शिक्षा दिवस पर अध्यक्ष महोदय जी ने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा बोर्ड का नाम श्री दत्तोंपत ठेगड़ी जी से जोड़कर हमारे बोर्ड को श्रमिक वर्ग के ओर करीब ला दिया है। उन्होंने बताया कि जिस पर माननीय श्री दत्तोपंत ठेंगड़ी जी श्रमिक वर्ग के हितों के प्रति सजग एवं जागरूक थे उसी प्रकार बोर्ड को भी श्रमिक वर्ग को सजग एवं जागरूक बनाना है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती अनुराधा प्रसाद जी द्वारा बताया गया कि दत्तोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय श्रमिक षिक्षा एवं विकास बोर्ड श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के तहत कार्यरत राष्ट्रीय स्तर की एक अकेली अनूठी त्रिपक्षीय संस्था है जो संगठित, संगठित एवं ग्रामीण क्षेत्र के जमीनी स्तर के श्रमिक वर्ग तक भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराने की उपलब्धि रखती है। बोर्ड समाज में फैली हुये विभिन्न कुरूतियों को दूर करने एवं श्रमिकों के जीवन गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए निरन्तर सफलतापूर्वक कार्य करता चला आ रहा है। आज समय की मांग को देखते हुये बोर्ड के कार्यक्रमों में भी बदलाव लाना जरूरी है। इस कार्य हेतु बोर्ड के अधिकारीगण सजग, समर्पित एवं प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि बोर्ड अपने डिजिटल माध्यम से श्रमिक वर्ग को उनके हितों की जानकारी एक ही मंच से दे सकता है। उन्होंने प्रतिभागियों को बताया कि कोई भी संस्थान जिसमें 10 श्रमिकों से अधिक श्रमिक कार्यरत है तो उस संस्थान को सभी श्रमिकों को ईएसआईजी में पंजीकृत कराना होगा जिसे सभी श्रमिक सरकार की विभिन्न लाभ योजनाओं का लाभ ले सकते है। उन्होंने बताया कि ऐसी बहुत सी योजनायें है जिसमें विषय में बहुत ही कम श्रमिकों को जानकारी है तथा ऐसे श्रमिकों को भी उनके अधिकारों की जानकारी देने का कार्य बोर्ड का है। उन्होनें बताया कि बीते समय कोविड-19 के कारण बहुत से प्रवासी श्रमिकों को अपना काम छोड़कर घर वापिस जाना पड़ा लेकिन ‘ई-श्रम’ पोरटल में पंजीकरण करवाने के बाद से इस तरह से श्रमिकों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा तथा इस विशेष की जानकारी भी बोर्ड द्वारा दी जायेगी। अनुराधा प्रसाद द्वारा बताया गया कि ‘प्रधानमंत्री स्वास्थ्य जीवन बीमा योजना’ के तहत अगर किसी श्रमिक की अकारण मृत्यु हो जाये या दुर्घटनावश अपंगता हो जाये तो ऐसे श्रमिकों को जीवन बीमा योजना का लाभ मिलेगा इसलिए सभी श्रमिकों को ‘ई-श्रम’ पोरटल पर अपना पंजीकरण करवाना चाहिए।

उन्होंने बताया कि मंत्री जी द्वारा विशेषरूप से बोर्ड की जिम्मेदारी को ओर अधिक बढ़ाने के लिए कहा गया है। राहुल भगत, निदेशक, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा माननीय मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव जी का सन्देश दिया गया जिसमें मंत्री जी द्वारा बोर्ड के 63वें स्थापना दिवस एवं श्रमिक शिक्षा दिवस की सभी उपस्थित सभासदो को बहुत-बहुत हार्दिक बधाई दी। उन्होंने इस मौके पर दत्तोपंत ठेंगड़ी जी को विशेष रूप से याद किया और श्रमिक के हितों के लिए उनके द्वारा किये गये विभिन्न कार्य के प्रति बोर्ड को प्रेरित किया। उन्होंने भारत सरकार के द्वारा लागू की गई विभिन्न योजनाओं एवं भविष्य में लागू की जाने वाली योजनओं के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के समापन पर प्रदीप के. मून, उपनिदेशक (मुख्यालय) प्रभारी द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथिगणों, उद्योग जगत एवं श्रम संघ के प्रतिनिधियों को धन्यवाद ज्ञापन दिया एवं कार्यक्रम सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सभी प्रतिभागियों का विशेष रूप से अभिवादन व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि आज 16 सितम्बर पूरे भारत वर्ष में हमारे सभी 50 क्षेत्रीय निदेशालयों द्वारा बड़े हर्षाेंउल्लास के साथ मनाया जा रहा है। कार्यक्रम का समापन राष्टगान के साथ सम्पन्न हुआ।

सफाई कर्मचारीयों ने किया दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल के निवास पर धरना प्रदर्शन।।

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असल न्यूज़: दिल्ली नगर निगम मजदूर फेडरेशन, जो 14 यूनियनों को मिलकर बनाया गया फेडरेशन है। अपनी मांगों को मनवाने के लिए आदरणीय दिल्ली के उप-राज्यपाल के निवास हजारों की संख्या में प्रदर्शन किया। फेडरेशन के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष रणधीर गागट ने कहा हमारी मुख्य मांगे जो सफाई कर्मचारी करोना वायरस से संक्रमित होकर उनका देहांत हो गया है उनके वारिसों को भी अन्य विभागों की तरह एक करोड़ रुपए की सहायता राशि दी जाए। उनके वारिसों को पक्की नौकरी दी जाए।

सभी 20,25 सालों से जो कच्चे सफाई कर्मचारी है उनको पक्का किया जाए। और जिन कर्मचारियों का लाखों रुपया एरियर व दीपावली का बोनस रुका हुआ है। उसका भुगतान एकमुश्त किस्त में किया जाए। कच्चे सफाई कर्मचारियों का ईपीएफ बंद किया जाए। जिसमें कि करोड़ों रुपए का घोटाला है।गागट‌ ने कहा कि जब तक यह मांगे पूरी नहीं होती यह आंदोलन दिल्ली में चलता रहेगा। और अगला प्रदर्शन 28 सितंबर 2021 को निगम में बैठी भाजपा सरकार के दिल्ली प्रदेश कार्यालय पंडित पंत मार्ग पर किया जाएगा।

बाहरी उत्तरी दिल्ली के तमाम थानों में जनसुनवाई कैंप का आयोजन

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असल न्यूज़: बाहरी उत्तरी दिल्ली के तमाम थानों में लगाया जाएगा लोक शिकायत निवारण जन सुनवाई शिविर। आपको बता दें स्थानीय लोगों के लिए इस शिविर का आयोजन किया गया है यह मूहिम दिल्ली पुलिस की तरफ से पिछले कुछ महीनों से लगातार जारी है राजधानी दिल्ली के तमाम थानों में इस मुहिम के तेहेत स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनी जानी है आपको बता दें राजधानी दिल्ली पुलिस अब दिल की पुलिस बन चुकी है इसी के चलते दिल्ली पुलिस तमाम थानों में जनसुनवाई कैंप का आयोजन कर रही है।

इस मामले की जानकारी देते हुए बाहरी उत्तरी दिल्ली के डीसीपी राजीव रंजन सिंह ने ट्वीट करते हुए बताया है कि बाहरी उत्तरी दिल्ली के तमाम थानों में 18 सितंबर 2021 शनिवार की सुबह 11:00 बजे से लेकर दोपहर 1:00 बजे तक जनसुनवाई कैंप का आयोजन किया जाएगा थाना क्षेत्रों के तमाम लोग अपने-अपने इलाकों के थानों में जाकर जनसुनवाई के कैंप में थाना प्रभारी से रूबरू होकर अपनी समस्याएं बताएंगे लोगों की समस्याओं का निवारण करने के लिए दिल्ली पुलिस भी प्रयासरत रहेगी।

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