असल न्यूज़: देश में एलपीजी की कमी का असर अब दूध सप्लाई पर भी पड़ता नजर आ रहा है। जानकारी के अनुसार, दूध से जुड़े उद्योगों में इस्तेमाल होने वाले पैकेजिंग मैटेरियल का स्टॉक तेजी से घट रहा है और अब केवल करीब 10 दिन का ही स्टॉक बचा बताया जा रहा है।
दूध के प्लास्टिक पैकेट और कार्टन बनाने वाली फैक्ट्रियां बड़े पैमाने पर एलपीजी पर निर्भर हैं। गैस की कमी के चलते इन फैक्ट्रियों का उत्पादन प्रभावित हो रहा है, जिससे दूध की पैकेजिंग पर संकट गहराने लगा है।
इसके अलावा दूध को सुरक्षित बनाने के लिए की जाने वाली पाश्चराइजेशन प्रक्रिया में भी भारी मात्रा में गैस की जरूरत होती है। ऐसे में एलपीजी की कमी का सीधा असर दूध के उत्पादन और सप्लाई चेन पर पड़ सकता है।
उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जल्द ही गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में दूध की किल्लत देखने को मिल सकती है और कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
वहीं प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और सप्लाई को सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

