असल न्यूज़: गुजरात से एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां नकली नोट छापने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस मामले में खुद को आध्यात्मिक गुरु बताने वाले प्रदीप जोतंगिया उर्फ ‘गुरुजी’ समेत 5 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह पूरा रैकेट श्री सत्यम योग फाउंडेशन के आश्रम से संचालित किया जा रहा था। गिरोह बड़े स्तर पर नकली नोट छापकर बाजार में सप्लाई कर रहा था।
कहां छप रहे थे नकली नोट?
जानकारी के मुताबिक, नकली नोटों की छपाई सूरत के वराछा इलाके में की जा रही थी, जबकि सप्लाई नेटवर्क अलग-अलग शहरों तक फैला हुआ था।
गिरोह सप्लाई के लिए एक कार का इस्तेमाल करता था, जिस पर भारत सरकार और आयुष मंत्रालय लिखा हुआ था, ताकि किसी को शक न हो।
करोड़ों के नकली नोट बरामद
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में नकली नोट जब्त किए:
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अहमदाबाद से ₹2.10 करोड़ के नकली ₹500 के नोट
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सूरत से ₹80 लाख के नकली नोट
इस बरामदगी के बाद पूरे नेटवर्क की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा रहा है।
नोटबंदी पर उठे सवाल
इस मामले के सामने आने के बाद एक बार फिर नोटबंदी 2016 को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
लोग पूछ रहे हैं:
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क्या नोटबंदी के बाद नकली नोट पूरी तरह बंद नहीं हुए?
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इतने बड़े स्तर पर फर्जी नोट कैसे छप रहे हैं?
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क्या नकली नोट पर लगाम लगाने के दावे कमजोर पड़ रहे हैं?
जांच जारी
फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों और सप्लाई चेन की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि ये नकली नोट किन-किन राज्यों में पहुंचाए गए।

