असल न्यूज़। दिल्ली ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से कथित तौर पर उगाही करने वाले संगठित गिरोह के एक और मेंबर को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। गाजियाबाद के भोपुरा स्थित पसौडा निवासी शौकत मलिक (34) गैंग का ‘स्टिंगर’ था, जो विडियो बनाता था। गैंग इनके जरिए ट्रैफिक स्टाफ को ब्लैकमेल और उगाही करता था।
27 जुलाई को गिरफ्तार हुआ था आरोपी
पिछले साल राजकुमार उर्फ राजू मीणा सिंडिकेट के खिलाफ दर्ज MCOCA के तहत यह सातवीं गिरफ्तारी है। महिला पुलिसकर्मियों ने गैंग पर सेक्सुअल डिमांड का भी आरोप लगाया है। पुलिस अफसरों के मुताबिक, शौकत मलिक के खिलाफ जांच के दौरान कई साक्ष्य मिले तो उसे 27 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर लिया गया। इसका फोन भी जब्त किया गया, जिसे फरेंसिक साइंस लैब भेज दिया गया है।
आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज हैं कई केस
आरोपी पेशे से कार मिकैनिक है, जिसके खिलाफ पहले भी दो केस दर्ज मिले हैं। प्रीत विहार थाने में ट्रैफिक पुलिस वालों से 2017 उगाही का मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में आरोपी रहे एक नामी चैनल के ‘पत्रकार’ शान मोहम्मद को क्राइम ब्रांच पहले ही अरेस्ट कर चुकी है। आरोपी शौकत पर 2022 में यूपी के गौतम बुद्ध नगर में चोरी का सामान रखने का एक केस दर्ज मिला है।
गिरोह के सात सदस्य हो चुके गिरफ्तार
करीब दस साल से ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को ब्लैकमेल कर उगाही करने वाले इस गिरोह से जुड़े अब तक सात मेंबर गिरफ्तार हो चुके हैं। इससे पहले गिरोह के सरगना राज कुमार उर्फ राजू मीणा, इसकी पत्नी ‘एडवोकेट’ सुरेखा रानी, इनके सहयोगी मुकेश कुमार उर्फ पकौड़ी, संजय गुप्ता, जीशान अली और शान मोहम्मद को अरेस्ट किया गया था। यह सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद हैं। पुलिस अफसरों का कहना है कि इस गैंग से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश चल रही हैं। पुलिस जांच के दौरान आरोपियों के 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की चल-अचल प्रॉपर्टी और रकम का का खुलासा हुआ है।
रिमांड पर लेकर चल रही पूछताछ
पुलिस अफसरों के मुताबिक, आरोपी शौकत मलिक की दो पत्नियां और तीन बच्चे हैं। इसे 28 जुलाई को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों, उगाही के तौर-तरीकों, विडियो बनाने के नेटवर्क के अलावा इस ऑर्गनाइज्ड सिंडिकेट से जुड़े अन्य मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है।

