असल न्यूज़। बाहरी उत्तरी जिले की स्पेशल स्टाफ की ने रिहायशी मकान पर फायरिंग की घटना में कथित रूप से शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो देशी पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। आरोपी की पहचान हरेंद्र उर्फ लाला उर्फ छोटा चेड़ी (24) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पर पहले से भी तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।
क्या है पूरा मामला?
दिल्ली के आउटर नॉर्थ जिले में अवैध हथियारों से जुड़ी आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए स्पेशल स्टाफ की टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी स्वरूप नगर थाना क्षेत्र में एक रिहायशी मकान पर हुई फायरिंग की घटना में कथित रूप से शामिल था।
आरोप है कि आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर मकान में रहने वाले लोगों को डराने और इलाके में दहशत फैलाने के इरादे से फायरिंग की घटना को अंजाम दिया। इसके अलावा, आरोपी पर सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ तस्वीरें और वीडियो दिखाकर अपनी आपराधिक छवि बनाने तथा इलाके में दबदबा कायम करने की कोशिश करने का भी आरोप है।
गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी गिरफ्तार
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, गुप्त सूचना के आधार पर आउटर नॉर्थ जिले के स्पेशल स्टाफ की टीम ने कार्रवाई करते हुए हरेंद्र उर्फ लाला उर्फ छोटा चेड़ी को गिरफ्तार किया। आरोपी की उम्र 24 वर्ष है और वह महेश का बेटा है।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो देशी पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए। हथियारों की बरामदगी के आधार पर भलस्वा डेयरी थाने में एफआईआर नंबर 643/2026, अक्टूबर 2026 को आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया गया।
स्वरूप नगर फायरिंग मामले में भी कथित संलिप्तता
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वरूप नगर थाना क्षेत्र में दर्ज फायरिंग के एक मामले में अपनी कथित संलिप्तता के बारे में जानकारी दी।
इस मामले में एफआईआर नंबर 423/2026 दर्ज है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125, 351(3) और 3(5) के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 25/27 के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस अब इस मामले में आरोपी की भूमिका और उसके साथियों की संलिप्तता की जांच कर रही है।
आरोपी पर पहले से दर्ज हैं तीन आपराधिक मामले
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी हरेंद्र उर्फ लाला उर्फ छोटा चेड़ी का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। उसके खिलाफ पहले से तीन आपराधिक मामलों में संलिप्तता दर्ज है।
इनमें हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और मारपीट से संबंधित मामले शामिल हैं। पुलिस आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य संभावित आपराधिक गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
स्पेशल स्टाफ की टीम ने की कार्रवाई
इस कार्रवाई को आउटर नॉर्थ जिले के स्पेशल स्टाफ की एक विशेष टीम ने अंजाम दिया। टीम में एसआई विशाल मलिक, हेड कांस्टेबल सतेंद्र, हेड कांस्टेबल रॉबिन, हेड कांस्टेबल दिनेश, हेड कांस्टेबल नवीन और हेड कांस्टेबल रवि शामिल थे।
पूरी कार्रवाई इंस्पेक्टर विश्वेंद्र चौधरी के नेतृत्व में की गई। वहीं, एसीपी ऑपरेशंस दिनेश कुमार की निगरानी और आउटर नॉर्थ जिले के अतिरिक्त डीसीपी-I लोकेश्वरन आर., आईपीएस के मार्गदर्शन में यह ऑपरेशन चलाया गया।
पुलिस अब बरामद हथियारों के स्रोत का पता लगाने और यह जांचने में जुटी है कि इनका इस्तेमाल अन्य आपराधिक वारदातों में तो नहीं किया गया।
आगे की जांच जारी
फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। जांच के दौरान फायरिंग की घटना की पूरी कड़ी का पता लगाने, आरोपी के साथियों की भूमिका की पुष्टि करने और बरामद हथियारों के स्रोत का पता लगाने पर जोर दिया जा रहा है।पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी या उसके सहयोगियों का अन्य आपराधिक घटनाओं से कोई संबंध है या नहीं।

