असल न्यूज़। राजधानी दिल्ली के नरेला क्षेत्र के बाकनेर गांव में वाल्मीकि जयंती के अवसर पर सामाजिक समरसता और महापुरुषों के विचारों को समर्पित कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान सामाजिक कार्यों के लिए श्री जय सिंह कंडेरा द्वारा बनवाए गए भवन में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर, गौतम बुद्ध, महर्षि वाल्मीकि और पूर्व विधायक चरण सिंह कंडेरा की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। कार्यक्रम में बच्चों को टी-शर्ट भी वितरित की गईं।

कार्यक्रम में कई राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की। इनमें उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी श्री राजिंदर पाल गौतम, पूर्व विधायक चरण सिंह कंडेरा, पूर्व विधायक सुरिंदर कुमार और कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष विशाल मान प्रमुख रूप से मौजूद रहे। इनके अलावा समुन्द्र कंडेरा, रियासत अली, चांद सिंह, राजबीर सिंह और जय सिंह कंडेरा सहित अन्य लोगों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

महापुरुषों के विचारों और सामाजिक योगदान को किया याद
वाल्मीकि जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में महर्षि वाल्मीकि, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और गौतम बुद्ध के विचारों तथा समाज के प्रति उनके योगदान को याद किया गया। इन महापुरुषों ने अपने विचारों और कार्यों के माध्यम से समाज को समानता, शिक्षा, मानवता और सामाजिक न्याय का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान महापुरुषों की प्रतिमाओं की स्थापना को सामाजिक चेतना और उनके विचारों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा गया। आयोजकों की ओर से बनवाए गए भवन का उद्देश्य सामाजिक कार्यों के लिए स्थान उपलब्ध कराना है, जहां लोग एकत्र होकर सामाजिक गतिविधियों में भाग ले सकें।
बच्चों को टी-शर्ट वितरित कर बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम में बच्चों को टी-शर्ट वितरित की गईं। इस पहल के माध्यम से बच्चों को कार्यक्रम से जोड़ने और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया। आयोजन में उपस्थित लोगों ने भी सामाजिक कार्यों और सामूहिक भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया।
सामाजिक एकता और जागरूकता का संदेश
बाकनेर में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से महर्षि वाल्मीकि जयंती को सामाजिक एकता, समानता और महापुरुषों के आदर्शों से जोड़ने का प्रयास किया गया। प्रतिमाओं की स्थापना और बच्चों को टी-शर्ट वितरण जैसे कार्यक्रमों ने आयोजन को सामाजिक स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की उपस्थिति ने सामुदायिक भागीदारी को दर्शाया। इस अवसर पर महापुरुषों के विचारों को याद करते हुए समाज में जागरूकता, भाईचारे और समानता की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।

