Monday, January 12, 2026
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फर्जी कागज तैयार कर बेचते थे दूसरे की प्रॉपर्टी, 200 करोड़ ठगे, पांच गिरफ्तार, सरगना की तलाश जारी.

असल न्यूज़: दिल्ली, पंजाब, मध्यप्रदेश और गोवा में प्रीमियम और महंगी प्रॉपर्टी को सस्ते दामों में दिलाने का झांसा देकर करीब 200 करोड़ रुपये ठगने वाले गिरोह का दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के मोहित गोगिया (38), विशाल मल्होत्रा (42), सचिन गुलाठी (40), अभिनव पाठक (35) और भरत छाबड़ा (33) को गिरफ्तार किया है। मुख्य साजिशकर्ता राम सिंह उर्फ बाबाजी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस देशभर में उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। दिल्ली की महिला ने गुरुग्राम के डीएलएफ कैमेलियाज की एक प्रॉपर्टी के नाम पर खुद के साथ हुई 12.04 करोड़ की ठगी की शिकायत न की होती तो मामले का पता ही नहीं चलता।

आरोपी संपत्तियों के फर्जी पेपर तैयार करके लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। ठगी की रकम का 60 फीसदी हिस्सा राम सिंह उर्फ बाबाजी के पास जाता था जबकि शेष रकम गिरोह के सदस्यों में बांटी जाती थी। मोहित के खिलाफ दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश में कुल 16 मामले दर्ज हैं। अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त आदित्य गौतम ने बताया कि 13 जून 2025 को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को एक शिकायत मिली। पीड़ित महिला ने बताया कि एमजी लीजिंग एंड फाइनेंस कंपनी के मालिक मोहित गोगिया, भरत छाबड़ा और अन्य ने उन्हें गुरुग्राम में डीएलएफ कैमेलियाज में एक प्रॉपर्टी दिखाकर ठगा। आरोपियों ने दावा किया कि उनकी फर्म ने बैंक नीलामी में यह प्रॉपर्टी खरीदी है। पीड़िता ने आरोपियों पर भरोसा करने के बाद अगस्त से अक्तूबर 2024 के बीच आरटीजीएस और डिमांड ड्राफ्ट से 12.04 करोड़ रुपये आरोपियों को ट्रांसफर कर दिए। बाद में पीड़िता को शक हुआ तो उन्होंने पड़ताल की। बैंक ने आरोपियों की ओर से उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों को जाली बताया

ऋषिकेश-देहरादून से पकड़ा गया मोहित गोगिया

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की और सबसे पहले उन खातों का पता किया जिनमें ठगी की रकम पहुंची थी। टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर टीम ने दिल्ली-एनसीआर, भोपाल, मुंबई के अलावा देश के दूसरे हिस्सों में छापेमारी की। टीम को पहली सफलता 22 नवंबर, 2025 को मिली जब डोईवाला ऋषिकेश-देहरादून रोड से मोहित को गिरफ्तार किया गया। पुलिस पूछताछ में उसने बाकी साथियों के नाम का खुलासा किया। जांच में पता चला कि मोहित गिरोह के लीडर राम सिंह उर्फ बाबाजी के साथ मिलकर लंबे समय से देशभर में ठगी कर रहा है। मोहित से पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके चार और साथियों को दबोचा।

मोहित करता था गिरवी रखी, विवादित और फर्जी प्रॉपर्टी की पहचान

गिरोह का दूसरा बड़ा लीडर मोहित अलग-अलग राज्यों में महंगी और प्रीमियम प्रॉपर्टी की पहचान करता था। इसमें भी गिरवी रखी, विवादित और फर्जी प्रॉपर्टी की पहचान करता था। इसके बाद भरत छाबड़ा की मदद से इन प्रॉपर्टी के फर्जी पेपर तैयार किए जाते थे। पेशे से प्रॉपर्टी डीलर विशाल मल्होत्रा ने राम सिंह उर्फ बाबाजी के कहने पर करंट अकाउंट खुलवाया।

दूसरा अकाउंट सचिन गुलाटी ने खुलवाया। महिला से ठगी के मामले में रकम विशाल व सचिन के खातों में पहुंची। अभिनव पाठक पेशे से दवाइयों का कारेाबारी है। उसने मुख्य आरोपी की पीड़िता से मुलाकात करवाई। वहीं भरत छाबड़ा, राम सिंह व मोहित के कहने पर किसी भी प्रॉपर्टी के फर्जी पेपर तैयार कर देता था। पेपर तैयार करने के बाद मार्केट रेट से कम दामों पर प्रॉपर्टी बेचने का दावा किया जाता था। ग्राहक मिलने पर उसका विश्वास जीतने के बाद रकम को अपने खातों में ट्रांसफर करवाने के बाद रकम को आपस में बांट लिया जाता था। 60 फीसदी रकम राम सिंह के खाते में जाती थी बाकी 40 फीसदी रकम बाकी आरोपियों के खाते में जाती थी।

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