असल न्यूज़: मणिपुर की कुकी जनजाति से ताल्लुक रखने वाली एक युवा महिला, जिनका मई 2023 में राज्य में भड़की जातीय हिंसा के चरम के दौरान अपहरण कर सामूहिक बलात्कार किया गया था, की 10 जनवरी को बीमारी के कारण मौत हो गई है.
ख़बरों के मुताबिक, उसकी बीमारी हिंसा के दौरान लगी चोटों के कारण और गंभीर हो गई थी. विभिन्न कुकी संगठनों ने उनके लिए न्याय की मांग की है. घटना के समय पीड़िता की उम्र 18 वर्ष थी.
संगठनों का कहना है कि वह अपने हमलावरों से बच तो गई थी, लेकिन शारीरिक और मानसिक रूप से कभी उबर नहीं सकी. पीटीआई के अनुसार, मौत के समय उनका इलाज गुवाहाटी में चल रहा था.
मणिपुर में साल 2023 में भड़की जातीय हिंसा अब तक जारी है, जिसमें कम से कम 260 लोगों की मौत हो चुकी है. राज्य में फिलहाल राष्ट्रपति शासन लागू है.
कई संगठनों ने प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाया है और मांग की है कि महिला की मौत को हिंसा के प्रत्यक्ष परिणाम के तौर पर आधिकारिक रूप से मान्यता दी जाए.
इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) ने एक बयान में कहा, ‘उनकी मौत इस बात की एक और दर्दनाक गवाही है कि किस बेरहमी से कुकी-ज़ो लोगों को निशाना बनाया गया है.’ आईटीएलएफ ने कहा कि कुकी-ज़ो लोगों के पास अब ‘अपनी सुरक्षा, गरिमा और अस्तित्व’ के लिए अलग प्रशासन की मांग करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है.
जुलाई 2023 में एनडीटीवी से बातचीत में महिला ने कहा था कि उनके साथ मेईतेई समुदाय के पुरुषों ने अपराध किया है. उन्होंने बताया था कि वह गंभीर चोटों के साथ बच निकली, लेकिन राज्य में जारी हिंसा के कारण वह 21 जुलाई, यानी यौन उत्पीड़न के करीब दो महीने बाद पुलिस में शिकायत दर्ज करा सकीं.
कुकी स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (केएसओ) ने आरोप लगाया कि अपराध की गंभीरता और नागरिक समाज संगठनों की बार-बार अपीलों के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. मामला 22 जुलाई 2023 को सीबीआई को सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है.
केएसओ की दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) इकाई ने कहा, ‘हम स्पष्ट रूप से कहते हैं कि उनकी मौत को 2023 में उनके खिलाफ की गई हिंसा का परिणाम मानते हुए आधिकारिक मान्यता दी जानी चाहिए. इसे किसी और तरह से देखना अन्याय और जिम्मेदारी से बचने के बराबर होगा.’ संगठन ने केंद्र सरकार से अलग प्रशासन की अपनी मांग को भी दोहराया.
दिल्ली-एनसीआर स्थित कुकी-ज़ो वीमेन फ़ोरम ने कहा कि महिला को उनकी हिम्मत और जुझारूपन के लिए याद किया जाएगा. पीटीआई के मुताबिक, फ़ोरम ने कहा, ‘करीब तीन साल तक उसने ऐसा दर्द झेला, जिसे किसी भी इंसान को नहीं झेलना चाहिए.’
न्यूज़लॉन्ड्री से बात करते हुए महिला की मां ने कहा कि शारीरिक चोटों के कारण उसे सांस की तकलीफ़ हो गई थी, वह गहरे सदमे में थी और लगातार डर के साये में जी रही थी. उन्होंने कहा, ‘उसे जो आघात और चोटें लगी थीं, उन्हीं का असर उसकी सेहत पर पड़ा. उसके साथ जो किया गया था, उसके कारण पिछले दो वर्षों में वह लंबे समय तक बीमार रही.’
न्यूज़लॉन्ड्री ने बताया कि चोटों के चलते पीड़िता को कई मेडिकल प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ा. इसी कड़ी में हाल में 25 अक्टूबर को गुवाहाटी में उनकी सर्जरी हुई थी.
मणिपुर की हिंसा के दौरान राज्य भर में यौन हिंसा का इस्तेमाल देखा गया है. वर्ष 2023 में कुकी समुदाय की दो महिलाओं को भीड़ द्वारा नग्न घुमाए जाने का वीडियो सामने आने पर देशभर में भारी आक्रोश पैदा हुआ था.

