असल न्यूज़। प्रतिबंधित कैटिगरी की 5 करोड़ कीमत वाली दवाओं के साथ दो तस्करों को क्राइम ब्रांच ने पकड़ा है। इनके कब्जे से अल्प्राजोलम की 21 हजार टैबलेट बरामद हुई हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग पांच करोड़ रुपये है। आरोपियों की पहचान रोहतक निवासी मनोज कुमार उर्फ मनु और बिहार के किशनगंज निवासी तौहीद आलम उर्फ अयान के रूप में हुई है। आरोपी दिल्ली के भागीरथ पैलेस से प्रतिबंधित कैटिगरी दवाएं तस्करी कर रोहतक व अन्य जगहों पर तस्करी करते थे।
डीसीपी संजीव कुमार यादव के मुताबिक सूचना मिली थी। इसके बाद 16 जनवरी को भागीरथ पैलेस मार्केट में डिस्पेंसरी के पास से एक शख्स को उस समय गिरफ्तार किया गया जब वह किसी अनजान ग्राहक को सप्लाई की हुई अल्प्राजोलम सप्लाई करने जा रहा था। तलाशी में उसके पास रखे पॉलिथीन बैग से 19,200 अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद हुई।
प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई कर रहा था आरोपी
पूछताछ के दौरान उसने अपना नाम मनोज बताया। कहा कि वह पिछले तीन साल से प्रतिबंधित कैटिगरी की दवाएं सप्लाई कर रहा था। उसने आगे बताया कि वह तौहीद उर्फ अयान नाम के एक सेल्समैन से यह दवाएं लेता था। इसके बाद अयान के ठिकानों पर छापे मारे। टीम ने अयान को दरियागंज इलाके में जगसनपाल बिल्डिंग के पास से दबोच लिया। उसके दरियागंज स्थित किराए के घर से 252 ग्राम (1,800 टैबलेट) अल्प्राजोलम बरामद हुई।
कैसे शुरू किया प्रतिबंधित दवा बेचने का काम?
मनोज ने मेडिकल स्टोर पर काम करते हुए दवा का काम सीखा था। बाद में वह सेल्समैन बनकर दिल्ली से रोहतक तक दवाओं की सप्लाई करने लगा। इसी दौरान उसने अवैध रूप से प्रतिबंधित दवाएं जैसे अल्प्राजोलम और ट्रामाडोल की तस्करी शुरू कर दी। जिन्हें वह तौहीद आलम उर्फ अयान से खरीदता था। तौहीद आलम भागीरथ पैलेस में सेल्समैन के तौर पर काम करता है। वह जेनेरिक दवाओं के साथ ये दवाएं भी खरीदकर अन्य सप्लायरों को बेचता था।

