अजय शर्मा: अलीपुर क्षेत्र में MCD की रेड को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। आरोप है कि कार्रवाई से पहले ही कुछ कर्मचारियों द्वारा रेहड़ी-पटरी वालों को सूचना दे दी जाती है, जिससे निर्धारित दिन पर सड़क किनारे कोई दुकान नहीं लगती और अगले ही दिन दोबारा अवैध कब्जा शुरू हो जाता है।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक 27 फरवरी 2026 को MCD की ओर से अभियान चलाया जाना था, लेकिन रेड से पहले ही कथित रूप से रेहड़ी-पटरी संचालकों को जानकारी दे दी गई। नतीजतन उस दिन अलीपुर इलाके में सड़क किनारे दुकानें नहीं दिखीं, जबकि अगले ही दिन फिर से वही हालात बन गए।
इन स्थानों पर सबसे अधिक अतिक्रमण के आरोप
Swami Shraddhanand College के सामने
अलीपुर ब्लॉक SDM ऑफिस के सामने
पुराना GT रोड से साईं मंदिर तक का इलाका
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरी कार्रवाई केवल “औपचारिकता” बनकर रह गई है। उनका कहना है कि कुछ कर्मचारी हर महीने ₹1000 से ₹3000 तक की कथित अवैध वसूली करते हैं और बदले में पहले ही सूचना दे देते हैं कि आज MCD की गाड़ी आएगी।
जिम्मेदारी किसकी?
अलीपुर क्षेत्र MCD के नरेला जोन के अंतर्गत आता है। यहां अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की है। आरोप है कि नरेला जोन के कई इलाकों में इसी तरह की स्थिति बनी हुई है।
स्थानीय लोगों की मांग
निष्पक्ष और अचानक कार्रवाई हो
कथित वसूली की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई
स्थायी समाधान ताकि सड़कें अतिक्रमण मुक्त रहें

