साल न्यूज़: दिल्ली नगर निगम (MCD) ने पर्यावरण संरक्षण और लकड़ी की खपत कम करने के उद्देश्य से राजधानी में एक नया पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का फैसला किया है। इस प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली के तीन श्मशान घाटों में अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी की जगह गोबर के उपलों का इस्तेमाल किया जाएगा।
एमसीडी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह पायलट प्रोजेक्ट फिलहाल दो साल के लिए लागू रहेगा। इस योजना के तहत अंतिम संस्कार में कम से कम 75 प्रतिशत गोबर के उपलों का उपयोग किया जाएगा, जिससे लकड़ी की खपत कम होगी और पर्यावरण को भी कम नुकसान पहुंचेगा।
इस योजना के लिए जिन श्मशान घाटों को चुना गया है उनमें
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Green Park Cremation Ground
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Dwarka Sector 24 Cremation Ground
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Jwala Nagar Cremation Ground
शामिल हैं।
एमसीडी के अनुसार, ग्रीन पार्क और द्वारका सेक्टर-24 श्मशान घाटों के संचालन के लिए एनजीओ के चयन की प्रक्रिया (EOI) जारी है। जब तक नई नियुक्ति नहीं होती, तब तक वर्तमान में इन श्मशान घाटों का संचालन कर रहे एनजीओ को ही नए आदेशों का पालन करना होगा।
इसके अलावा, संबंधित एनजीओ को अपने-अपने जोन के जिला स्वास्थ्य अधिकारी (DHO) कार्यालय में लिखित अंडरटेकिंग भी जमा करनी होगी, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दाह संस्कार में निर्धारित मात्रा में उपलों का इस्तेमाल किया जाएगा।
एमसीडी का मानना है कि इस पहल से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और पारंपरिक अंतिम संस्कार प्रक्रिया को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाया जा सकेगा। अगर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो भविष्य में इसे दिल्ली के अन्य श्मशान घाटों में भी लागू किया जा सकता है।

