असल न्यूज़: देशभर में रसोई गैस (एलपीजी) की संभावित कमी को लेकर लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। हाल ही में लोकलसर्कल्स द्वारा किए गए एक सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। सर्वे के मुताबिक, 57 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ताओं को पिछले एक सप्ताह में गैस सिलेंडर मिलने में देरी और ब्लैक मार्केटिंग का सामना करना पड़ा है।
इस सर्वे में दिल्ली-एनसीआर समेत देश के 309 जिलों के 57 हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया।
सप्लाई में पहले से दी जा रही थी चेतावनी
सर्वे के अनुसार:
53% उपभोक्ताओं को गैस एजेंसियों ने पहले ही सप्लाई में देरी या कमी की जानकारी दे दी थी
कई क्षेत्रों में लोग सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं
घबराहट के कारण लोग अतिरिक्त सिलेंडर बुक कर रहे हैं
💸 ब्लैक मार्केटिंग ने बढ़ाई परेशानी
रिपोर्ट में सामने आया कि:
36% उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ी
अधिकांश मामलों में 100 से 500 रुपये अतिरिक्त वसूले गए
कुछ मामलों में कीमत 1500 से 2800 रुपये तक पहुंच गई
📍 दिल्ली-एनसीआर में सबसे ज्यादा असर
दिल्ली-एनसीआर में कई उपभोक्ताओं ने बताया कि:
सप्लायर और बिचौलियों द्वारा भारी मुनाफाखोरी की जा रही है
कुछ एजेंसियां प्रति सिलेंडर 1500–2800 रुपये तक वसूल रही हैं
🌍 अंतरराष्ट्रीय हालात बने बड़ी वजह
सर्वे में इस संकट के पीछे एक बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को बताया गया है:
खासकर मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव
भारत अपनी जरूरत का 80–85% एलपीजी आयात करता है
आपूर्ति में रुकावट का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है
🏛️ सरकार के कदम
स्थिति को संभालने के लिए सरकार ने:
तेल कंपनियों को घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए
राज्यों को जमाखोरी और कालाबाजारी पर निगरानी बढ़ाने को कहा
दो सिलेंडर बुकिंग के बीच का अंतर 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया
इसका असर होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों पर भी देखने को मिल रहा है।
🍽️ जेएनयू में गैस संकट का असर
गैस की कमी का असर शैक्षणिक संस्थानों पर भी पड़ा है।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में:
हॉस्टल मेस में दो वक्त की जगह अब केवल एक वक्त रोटियां दी जा रही हैं
मेन्यू को सीमित कर दिया गया है
कुछ ढाबे और कैंटीन नियमित रूप से नहीं चल पा रहे
छात्र संघ के महासचिव सुनील यादव ने स्थिति पर चिंता जताई है।
🏫 प्रशासन की पहल
डीन ऑफ स्टूडेंट्स कार्यालय ने गैस सप्लाई बहाल करने के लिए पहल की
IGL (इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड) को ई-मेल भेजकर सप्लाई बढ़ाने की मांग की गई
हॉस्टल के लिए प्रस्तावित 80% आपूर्ति सीमा में छूट देने का अनुरोध किया गया
⚠️ निष्कर्ष
एलपीजी की संभावित कमी और कालाबाजारी ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अंतरराष्ट्रीय हालात और घरेलू स्तर पर मुनाफाखोरी, दोनों मिलकर स्थिति को और गंभीर बना रहे हैं। ऐसे में सरकार और संबंधित एजेंसियों के लिए चुनौती है कि वे सप्लाई को सुचारू रखें और बाजार में पारदर्शिता सुनिश्चित करें।

