असल न्यूज़: देश में एचआईवी-एड्स का खतरा एक बार फिर चिंता का विषय बनता जा रहा है। वैश्विक स्तर पर यह संक्रमण पहले से ही गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है और भारत में भी इसके मामलों को लेकर सतर्कता बढ़ाई जा रही है। हाल ही में आई रिपोर्ट के अनुसार, मेघालय देश का सबसे अधिक प्रभावित राज्य बनकर उभरा है।
219 जिलों की पहचान, दिल्ली-हरियाणा पर खास फोकस
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट में देशभर के 219 जिलों की पहचान की गई है, जहां एचआईवी-एड्स की रोकथाम के लिए विशेष हस्तक्षेप किए जाएंगे।
इनमें:
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दिल्ली के 7 जिले
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हरियाणा के 11 जिले शामिल हैं
यह कदम संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए अहम माना जा रहा है।
दिल्ली-हरियाणा के इन जिलों पर नजर
दिल्ली के जिन जिलों को प्राथमिकता दी गई है:
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उत्तर, नई दिल्ली, शाहदरा, मध्य, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण, उत्तर-पश्चिम
हरियाणा के प्रमुख जिले:
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पानीपत, रोहतक, सिरसा, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, भिवानी, हिसार, सोनीपत, कैथल, फतेहाबाद
इन इलाकों में निगरानी और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाएगा।
संक्रमण के आंकड़े क्या कहते हैं?
एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक:
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दिल्ली में वयस्कों में एचआईवी दर 0.33%, करीब 59,079 लोग संक्रमित
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हरियाणा में वयस्कों में एचआईवी दर 0.24%, करीब 59,642 लोग संक्रमित
ये आंकड़े बताते हैं कि संक्रमण अभी भी नियंत्रण से बाहर नहीं है, लेकिन खतरा बना हुआ है।
सरकार की रणनीति और पहल
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) ने 20 मार्च को नई दिल्ली में ‘सुरक्षा संकल्प कार्यशाला’ का आयोजन किया।
इसका उद्देश्य जिला स्तर पर तैयारियों को मजबूत करना और संक्रमण की निगरानी को और प्रभावी बनाना है। खासतौर पर दिल्ली और हरियाणा पर फोकस किया गया है।
95:95:95 लक्ष्य क्या है?
NACO के डायरेक्टर जनरल डॉ. राकेश गुप्ता ने 2027 तक एचआईवी-एड्स को नियंत्रित महामारी बनाने की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
95:95:95 फॉर्मूला का मतलब:
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95% संक्रमित लोगों को अपनी बीमारी की जानकारी हो
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95% लोग नियमित इलाज (ART) ले रहे हों
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95% मरीजों में वायरस नियंत्रित हो जाए
यह रणनीति एड्स को जड़ से खत्म करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

