Thursday, March 26, 2026
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दरियागंज से क्राइम ब्रांच ने हथियारों के सप्लायर दबोचे, पाकिस्तान से नेपाल और फिर दिल्ली आता था विदेशी हथियारों का जखीरा

क्राइम ब्रांच ने चेक रिपब्लिक की सब-मशीन गन समेत 21 हाई-एंड विदेशी हथियार और 200 कारतूस किए बरामद, मास्टरमाइंड बांग्लादेश में छिपा

प्रदीप सिंह उज्जैन। नॉर्थ इंडिया में गैंगस्टर्स, सट्टा ऑपरेटर और बड़े कारोबारी अब आधुनिक विदेशी हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस खतरनाक ट्रेंड का खुलासा करते हुए दिल्ली क्राइम ब्रांच ने एक बड़े इंटरनेशनल आर्म्स स्मगलिंग मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस सिंडिकेट से जुड़े 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से चेक गणराज्य में बनी एक सब-मशीन गन (स्कॉर्पियन) सहित 21 हाई-एंड विदेशी हथियार और करीब 200 कारतूस बरामद किए गए हैं। इनमें इटली की बेरटा, जर्मनी की वाल्थर, ब्राजील की टॉरस और तुर्किये की PX-5.7 जैसी अत्याधुनिक पिस्टल शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल आमतौर पर स्पेशल फोर्सेस करती हैं।

नेपाल के रास्ते भारत पहुंचते थे हथिया
जॉइंट सीपी (क्राइम) सुरेंद्र कुमार के अनुसार, इन हथियारों की तस्करी पाकिस्तान से की जाती थी और नेपाल के रास्ते भारत में सप्लाई होती थी। डीसीपी (क्राइम) संजीव कुमार यादव ने बताया कि पुरानी दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके से जुड़े एक इंटरनेशनल आर्म्स ट्रैफिकिंग मॉड्यूल की सूचना मिलने के बाद जांच शुरू की गई।

बुलंदशहर का मास्टरमाइंड, बांग्लादेश से चला रहा नेटवर्क
जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क का सरगना शाहबाज अंसारी है, जो यूपी के बुलंदशहर का रहने वाला है और फिलहाल बांग्लादेश में छिपा हुआ है। वह दिल्ली-एनसीआर, यूपी और अन्य राज्यों के अपराधियों को हथियार सप्लाई करता था।

हथियार पाकिस्तान से मंगवाकर पहले मिडल ईस्ट भेजे जाते थे, फिर नेपाल में असेंबल कर भारत में तस्करी के जरिए पहुंचाए जाते थे। जामा मस्जिद इलाके को ट्रांजिट पॉइंट के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था।

एन्क्रिप्टेड ऐप और फर्जी सिम से चलता था नेटवर्क
यह मॉड्यूल बेहद हाईटेक तरीके से काम करता था। आरोपी इंटरनेट कॉलिंग और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करते थे। हर ऑपरेशन के बाद सिम कार्ड तोड़ दिया जाता था। फर्जी दस्तावेजों के जरिए सिम कार्ड हासिल किए जाते थे और हवाला के माध्यम से पैसों का लेन-देन होता था।

कहां-कहां से हुई गिरफ्तारी
क्राइम ब्रांच ने अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया:

दरियागंज से राहिल, हाशिम और साइम गिरफ्तार
गाजियाबाद से सोनू गुप्ता गिरफ्तार
शाहदरा से घनश्याम उर्फ घनी गिरफ्तार
मौजपुर से वसीम मलिक गिरफ्तार
आनंद विहार से निशांत अरोड़ा उर्फ नोनी गिरफ्तार
बुलंदशहर से नवाब और नौशाद गिरफ्तार
अजमेरी गेट से सिम सप्लायर नौमान गिरफ्तार

सब-मशीन गन के साथ आरोपी गिरफ्तार
24 मार्च को बुलंदशहर के सिकंदराबाद से आरोपी नौशाद को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से सब-मशीन गन, बरेटा पिस्टल और 20 कारतूस बरामद हुए।

क्या-क्या हुआ बरामद
21 विदेशी हथियार
1 सब-मशीन गन (स्कॉर्पियन)
इटली की बेरटा पिस्टल
जर्मनी की वाल्थर पिस्टल
ब्राजील की टॉरस पिस्टल
तुर्किये की PX-5.7 पिस्टल
कुल 200 कारतूस

आरोपियों की भूमिका
राहिल (37): दिल्ली नेटवर्क का मुख्य ऑपरेटिव, 9 महीने में 70-75 हथियार सप्लाई हाशिम (45) और साइम (24): सप्लाई और डिलिवरी में सहयोगी सोनू गुप्ता (26): हथियार रिसीवर, पहले से 5 केस दर्ज नोनी, घनश्याम, वसीम: दिल्ली-NCR सप्लाई चेन के सदस्य नौमान (32): फर्जी दस्तावेजों पर सिम कार्ड उपलब्ध कराता था नौशाद (37): मॉड्यूल की अहम कड़ी, जिसके पास से सब-मशीन गन मिली

निष्कर्ष
दिल्ली क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई ने न केवल एक बड़े इंटरनेशनल हथियार तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, बल्कि यह भी साफ कर दिया है कि अब अपराधी हाईटेक और अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और फरार मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है।

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