असल न्यूज़: पटना में इन दिनों घरेलू एलपीजी गैस की कमी से लोग परेशान हैं। स्थिति यह है कि लोग 10-10 दिनों तक गैस बुकिंग के बाद अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि जिले में प्रतिदिन करीब 27 हजार सिलेंडरों की बुकिंग हो रही है, जबकि आपूर्ति 33 हजार से अधिक है। इसके बावजूद 1 लाख 55 हजार से ज्यादा सिलेंडरों का पुराना बैकलॉग अब भी बना हुआ है, जो प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
मुख्य सचिव का सख्त रुख:
राज्य में बढ़ती समस्या को देखते हुए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने मोर्चा संभाल लिया है। तेल कंपनियों और जिला प्रशासन के साथ हुई हाई-लेवल बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि पहले बैकलॉग को खत्म किया जाए।
साथ ही एलपीजी की कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बुकिंग नियमों में बड़ा बदलाव:
गैस की कृत्रिम किल्लत को रोकने के लिए सरकार ने नए नियम लागू किए हैं:
- अब एक सिलेंडर लेने के बाद 25 दिन के भीतर अगली बुकिंग संभव होगी (पहले 45 दिन का अंतराल था)
- ‘पैनिक बुकिंग’ रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है
अलग-अलग उपभोक्ताओं के लिए अलग नियम:
- उज्ज्वला योजना लाभार्थी: अगली बुकिंग के लिए 45 दिन का इंतजार
- सिंगल सिलेंडर कनेक्शन वाले उपभोक्ता: 25 दिन बाद बुकिंग संभव
- ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता: 45 दिन का इंतजार अनिवार्य
नई शर्तें भी लागू:
- डिलीवरी के समय OTP बताना अनिवार्य
- e-KYC पूरा न होने पर बुकिंग रद्द हो सकती है
प्रशासन की अपील:
एडीएम आपूर्ति रविंद्र कुमार दिवाकर ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें।
प्रशासन के अनुसार राज्य में गैस की पर्याप्त आपूर्ति हो रही है, लेकिन पुराने बैकलॉग को खत्म करने में थोड़ा समय लग रहा है।
निष्कर्ष:
सरकार के नए नियमों से जहां एक ओर उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, वहीं गैस वितरण व्यवस्था को भी बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

