अजय शर्मा: नरेला विधानसभा के अलीपुर वार्ड-4 के अंतर्गत आने वाला प्रसिद्ध गांव बूढ़पुर इन दिनों एक बार फिर चर्चा में है। जहां एक ओर यहां सदियों पुराना ‘बुड्ढे बाबा’ का मेला आस्था का बड़ा केंद्र है, वहीं दूसरी ओर गांव के श्मशान घाट की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
🙏 आस्था का केंद्र है ‘बुड्ढे बाबा’ मेला
बूढ़पुर गांव में सैकड़ों वर्षों से ‘बुड्ढे बाबा’ का मेला लगता आ रहा है। मान्यता है कि मेले के दौरान जो श्रद्धालु यहां स्थित पवित्र तालाब में स्नान करता है या अपने ऊपर सात बार जल छिड़कता है, उसे चर्म रोग नहीं होता।
इसी आस्था के चलते हर साल दूर-दूर से हजारों की संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। गांव में स्थित बुड्ढे बाबा का भव्य मंदिर और चमत्कारी तालाब श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
⚠️ श्मशान घाट की बदहाली पर उठे सवाल
जहां एक तरफ गांव धार्मिक आस्था का बड़ा केंद्र है, वहीं दूसरी तरफ यहां का श्मशान घाट बेहद जर्जर हालत में है। ग्रामीणों का कहना है कि:
श्मशान घाट पर कोई टीन शेड नहीं है
छाया की व्यवस्था पूरी तरह नदारद है
पानी जैसी बुनियादी सुविधा भी उपलब्ध नहीं है
ऐसे में अंतिम संस्कार के दौरान लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
🗣️ कई बार शिकायत, फिर भी नहीं हुआ समाधान
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन और सरकार को पत्र लिखे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
📢 ग्रामीणों की मांग
गांव के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द श्मशान घाट पर टीन शेड, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि लोगों को अंतिम संस्कार के दौरान परेशानी न हो।
👉 एक ओर जहां बूढ़पुर गांव आस्था और परंपरा का प्रतीक बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी सुविधाओं की कमी प्रशासन की अनदेखी को उजागर कर रही है।

