असल न्यूज़: उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी इलाके के जगतपुर गांव में इन दिनों जमीन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) द्वारा बायोडायवर्सिटी पार्क फेज-2 की फेंसिंग शुरू किए जाने के बाद स्थानीय किसानों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बन गई है।
अचानक फेंसिंग से भड़का विरोध
जानकारी के मुताबिक, DDA ने जगतपुर से सटे इलाके में अचानक लोहे के पोल गाड़कर फेंसिंग का काम शुरू कर दिया। जैसे ही काम शुरू हुआ, स्थानीय किसान और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और विरोध करते हुए काम रुकवा दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिना किसी स्पष्ट सीमांकन (डिमार्केशन) के उनकी पुश्तैनी जमीन पर कब्जे की कोशिश की जा रही है।
किसानों की दो टूक मांग
किसानों ने साफ कहा है कि:
- पहले जमीन का सही डिमार्केशन किया जाए
- उसके बाद ही फेंसिंग का काम शुरू हो
ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें बायोडायवर्सिटी पार्क से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन वे अपनी जमीन पर किसी भी तरह का कब्जा बर्दाश्त नहीं करेंगे।
DDA का सुरक्षा तर्क
वहीं DDA का कहना है कि यह कार्रवाई इलाके की सुरक्षा के लिए की जा रही है।
बायोडायवर्सिटी पार्क से सटे इस क्षेत्र में पिछले कुछ समय में तेंदुए समेत जंगली जानवरों की आवाजाही देखी गई है।
DDA के मुताबिक, फेंसिंग का मकसद जंगली जानवरों को रिहायशी इलाकों में आने से रोकना और किसी बड़े हादसे से बचाव करना है।
सुरक्षा बनाम जमीन का अधिकार
अब यह मामला “सुरक्षा बनाम किसानों के अधिकार” की बहस में बदल गया है।
एक तरफ प्रशासन सुरक्षा का हवाला दे रहा है, तो दूसरी तरफ किसान अपनी जमीन बचाने के लिए डटे हुए हैं।

