Monday, May 11, 2026
Google search engine
HomeDelhi NCRहृदय सम्राट बाबा हरदेव सिंह को अर्पित समर्पण दिवस.

हृदय सम्राट बाबा हरदेव सिंह को अर्पित समर्पण दिवस.

नई दिल्ली: 11 मई, 2026ः- जब किसी महान आत्मा का जीवन मानवता के कल्याण हेतु पूर्णतः समर्पित हो जाता है, तब उसकी स्मृतियाँ केवल इतिहास का अध्याय नहीं रहतीं, बल्कि युगों-युगों तक जनमानस के लिए प्रेरणा का दिव्य स्रोत बन जाती हैं।

ऐसे ही मानवता, प्रेम, विनम्रता और आध्यात्मिक जागृति के अद्वितीय प्रतीक युगदृष्टा बाबा हरदेव सिंह जी की पावन स्मृति को समर्पित ‘समर्पण दिवस’ का भावपूर्ण आयोजन सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं श्रद्धेय निरंकारी राजपिता जी के सान्निध्य में बुधवार, 13 मई 2026 को संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल, समालखा (हरियाणा) में सायं 5ः00 बजे से रात्रि 9ः00 बजे तक आयोजित किया जाएगा।

उसके उपरांत श्रद्धालु सतगुरु माता जी के आशीर्वचनों को श्रवण करेंगे। इस विशाल संत समागम में देश-विदेश से आए श्रद्धालु, भक्तगण एवं मानवता प्रेमी श्रद्धा, भक्ति और समर्पण के पुष्प अर्पित करेंगे। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण निरंकारी मिशन की अधिकृत वेबसाईट पर प्रसारित किया जायोगा जिसका लाभ विश्वभर के श्रद्धालु एवं भक्तगण प्राप्त कर सकेंगे।

बाबा हरदेव सिंह जी केवल संत निरंकारी मिशन के आध्यात्मिक गुरु ही नहीं थे, बल्कि वे प्रेम, करुणा, सहजता और मानवीय संवेदनाओं के सजीव आत्मिक मित्र थे। उनकी मधुर मुस्कान, विनम्र व्यक्तित्व और दिव्य वाणी ने अनगिनत हृदयों को आत्मिक शांति का अनुभव कराया। उन्होंने मानव जीवन को आत्मज्ञान से आलोकित कर यह संदेश दिया कि सच्चा जीवन वही है, जो प्रेम, सेवा, सहअस्तित्व और समर्पण से परिपूर्ण हो।

उनके दिव्य नेतृत्व में संत निरंकारी मिशन, ने समाज सेवा को आध्यात्मिकता का अभिन्न अंग बनाते हुए रक्तदान, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य सेवाएँ, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण एवं युवाओं की ऊर्जा को आध्यात्मिक दिशा देने जैसे अनेक लोककल्याणकारी कार्यों द्वारा समाज में सकारात्मक परिवर्तन की सशक्त धारा प्रवाहित की। बाबा जी का दृष्टिकोण स्पष्ट था कि ईश्वर की सच्ची भक्ति मानव सेवा के माध्यम से ही सार्थक होती है।

लगभग 36 वर्षों तक मिशन का नेतृत्व करते हुए बाबा हरदेव सिंह जी, ने इसे वैश्विक स्तर पर नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। आज संत निरंकारी मिशन 67 से अधिक देशों में आध्यात्मिक जागृति, नैतिक मूल्यों और मानव कल्याण की ज्योति प्रज्वलित कर रहा है। उनके तप, त्याग और दूरदर्शिता के परिणामस्वरूप मिशन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट सम्मान प्राप्त हुआ तथा संयुक्त राष्ट्र संघ की सामाजिक एवं आर्थिक परिषद में सलाहकार के रूप में प्रतिष्ठा मिली।

बाबा जी ने “एकत्व में सद्भाव”, “वसुधैव कुटुम्बकम” तथा “एक को जानो, एक को मानो, एक हो जाओ” जैसे दिव्य संदेशों के माध्यम से संपूर्ण मानवता को प्रेम और एकता के सूत्र में बाँधने का प्रयास किया। उनका “दीवार रहित संसार” का स्वप्न आज भी विश्व बंधुत्व, समानता और सार्वभौमिक प्रेम की प्रेरणा बनकर प्रत्येक हृदय को आलोकित कर रहा है।

वर्तमान में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज, उसी दिव्य परंपरा को आगे बढ़ाते हुए प्रेम, सेवा, संयम और आध्यात्मिक चेतना के संदेश को जन-जन तक पहुँचा रही हैं। उनके करुणामयी सान्निध्य में संत निरंकारी मिशन निरंतर मानवता को आत्मबोध, नैतिकता और विश्व बंधुत्व के पथ पर अग्रसर कर रहा है।

‘समर्पण दिवस’ केवल श्रद्धांजलि का अवसर नहीं, बल्कि उस दिव्य जीवन-दर्शन को आत्मसात करने का पावन पर्व है, जो मानवता को प्रेम, सेवा, विनम्रता और समर्पण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। यह दिवस प्रत्येक हृदय को यह स्मरण कराता है कि महान आत्माएँ अपने कर्म, विचार और आदर्शों से सदैव जीवित रहती हैं तथा युगों तक मानवता का मार्ग आलोकित करती रहती हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments