नई दिल्ली। दिल्ली में रामलीला आयोजन के लिए मैदान आवंटित करने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड (DUSIB) के एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को गिरफ्तार किया है। मामला सीमापुरी इलाके से जुड़ा बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी इंजीनियर पर आरोप है कि उसने नंद नगरी में रामलीला आयोजन के लिए मैदान आवंटित करने के बदले शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद CBI ने मामले में FIR दर्ज कर कार्रवाई शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद परिसरों में तलाशी
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद CBI ने उससे जुड़े परिसरों में तलाशी अभियान भी चलाया। जांच एजेंसी के मुताबिक, तलाशी के दौरान करीब 41 लाख रुपये नकद बरामद हुए, जिसे CBI ने जब्त कर लिया है।
हालांकि, बरामद नकदी का कथित रिश्वत की रकम से क्या संबंध है, यह अभी जांच का विषय है। CBI इस बात की भी जांच कर रही है कि बरामद रकम का स्रोत क्या है और उसका मामले से कोई सीधा संबंध है या नहीं।
रामलीला आयोजन के दौरान सामने आया मामला
दिल्ली में रामलीला एक प्रमुख पारंपरिक और सांस्कृतिक आयोजन है। राजधानी के अलग-अलग इलाकों में नवरात्रि के दौरान रामलीला का मंचन किया जाता है और इसके बाद दशहरा मनाया जाता है। नंद नगरी में रामलीला आयोजन के लिए मैदान आवंटन से जुड़ा यह मामला तैयारियों के दौरान सामने आया है।
CBI अब कथित तौर पर रिश्वत मांगने और स्वीकार किए जाने से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।
DUSIB में भ्रष्टाचार के पुराने मामलों का भी जिक्र
DUSIB से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों में CBI की कार्रवाई पहले भी सामने आती रही है। बीते वर्षों में एजेंसी द्वारा विभाग से जुड़े रिश्वतखोरी के विभिन्न मामलों में कार्रवाई और गिरफ्तारियां किए जाने की खबरें सामने आई हैं।
वहीं, सूत्रों के हवाले से आरोप लगाया जा रहा है कि विभाग में कुछ मामलों में आरोपी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठते रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि कई मामलों में गिरफ्तार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच या निलंबन की कार्रवाई स्पष्ट रूप से सामने नहीं आती।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
CBI जांच पर टिकी नजर
फिलहाल CBI की जांच का मुख्य फोकस कथित रिश्वत मांगने के आरोप, बरामद 41 लाख रुपये की रकम के स्रोत और आरोपी अधिकारी से जुड़े अन्य वित्तीय एवं प्रशासनिक पहलुओं पर है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद नकदी का कथित रिश्वत मामले से कोई संबंध है या नहीं।

