असल न्यूज़। राजधानी दिल्ली में लोक निर्माण विभाग (PWD) की ओर से कराए जा रहे नालों के निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि दिल्ली के कई इलाकों में प्रीकास्ट ब्लॉक से नालों का निर्माण करते समय निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि कुछ स्थानों पर प्रीकास्ट ब्लॉक लगाने से पहले निर्धारित मोटाई का RCC बेस तैयार किए बिना ही निर्माण कार्य किया जा रहा है। इससे सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रीकास्ट ब्लॉक के नीचे RCC बेस नहीं बनाने का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली के विभिन्न इलाकों में PWD की ओर से नालों के पुनर्निर्माण और निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। इन कार्यों में प्रीकास्ट कंक्रीट ब्लॉक का इस्तेमाल किया जा रहा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विभागीय नियमों के मुताबिक, प्रीकास्ट ब्लॉक लगाने से पहले जमीन के नीचे चार इंच मोटा RCC बेस तैयार किया जाना चाहिए।
हालांकि, आरोप लगाया गया है कि कई स्थानों पर इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है और RCC बेस बनाए बिना ही प्रीकास्ट ब्लॉक लगाए जा रहे हैं। यदि निर्माण कार्य में निर्धारित तकनीकी मानकों की अनदेखी की जा रही है, तो इससे नाले की मजबूती, टिकाऊपन और निर्माण की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका हो सकती है।
PWD अधिकारियों और निर्माण एजेंसी की भूमिका पर सवाल
इस मामले में शिकायतकर्ता ने PWD के अधिकारियों, स्थानीय विधायक, निर्माण कार्य कर रही एजेंसी और ठेकेदार की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि कथित मिलीभगत के कारण निर्माण कार्य में अनियमितताएं हो रही हैं।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। संबंधित अधिकारियों, विधायक, ठेकेदार और निर्माण एजेंसी का पक्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं।
फेस-1 इंडस्ट्रियल एरिया में भी अनियमितता का दावा
शिकायतकर्ता के अनुसार, वर्तमान में फेस-1 इंडस्ट्रियल एरिया में भी नाला निर्माण के दौरान कथित अनियमितताओं को अंजाम दिया जा रहा है। इस संबंध में मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की स्थिति देखने और आवश्यक साक्ष्य जुटाने की अपील की गई है।
बताया गया है कि फेस-1 इंडस्ट्रियल एरिया में NDPL कार्यालय के पास चल रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण कर यह जांचा जा सकता है कि प्रीकास्ट ब्लॉक लगाने से पहले RCC बेस तैयार किया गया है या नहीं।
निर्माण कार्य की जांच और जवाबदेही की मांग
इस मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि नाला निर्माण के लिए निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन हो रहा है या नहीं। यदि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित विभाग को निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच करानी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
इसके साथ ही निर्माण स्थल के निरीक्षण, स्वीकृत टेंडर की शर्तों, तकनीकी विवरण, गुणवत्ता जांच रिपोर्ट और कार्य की माप से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल भी जरूरी है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि निर्माण कार्य स्वीकृत मानकों के अनुसार किया जा रहा है या नहीं।
अब देखना होगा कि PWD विभाग इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों पर क्या स्पष्टीकरण देता है।

