Monday, January 12, 2026
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दिल्ली में बढ़ता नशे का कारोबार: क्राइम ब्रांच के आंकड़ों ने ही खोली दिल्ली की काली सचाई.

असल न्यूज़ : दिल्ली का युवा नशे में इस कदर डूबता जा रहा है कि दिल्ली की चकाचौंध के पीछे एक गहरी बेचैनी, एक डर और एक अनदेखा अंधेरा लगातार पनप रहा है। क्लबों की चमक, कॉलेज कैंपस की बनावट, देर रात की पार्टी कल्चर और सोशल मीडिया पर ‘परफेक्ट लाइफ’ दिखाने की होड़ ने राजधानी के युवाओं को ऐसी दौड़ में धकेल दिया है, जहां नींद भी गिरवी है और होश भी। क्राइम ब्रांच के ताज़ा आंकड़ों ने पहली बार यह साफ कर दिया है कि यह नशा अब मस्ती या फैशन का हिक्राइम ब्रांच की सख्ती के बावजूद बढ़ रहे ड्रग्स सप्लायरस्सा नहीं रहा, बल्कि एक खतरनाक लत बन चुका है, जिसने दिल्ली की रातों में बारूद-सी खामोशी भर दी है।

क्राइम ब्रांच की सख्ती के बावजूद बढ़ रहे ड्रग्स सप्लायर

बीते दो सालों में ड्रग्स की सप्लाई भी बढ़ी, खपत भी बढ़ी, और युवाओं का इस अंधेरी दुनिया में खतरे के साथ फिसलना और तेज हो गया। कभी हॉस्टल के कमरों में होने वाली सीक्रेट पार्टियां, कभी फार्महाउस की नाइट रेव्स, तो कभी सोशल मीडिया पर बने डार्क नेटवर्क दिल्ली में नशे की उपलब्धता इतनी आसान हो गई है कि डर लगता है कि आने वाले सालों में हालात और बदतर न हो जाएं। क्राइम ब्रांच जितनी भी भारी बरामदगी करती है, उतनी ही तेजी से कहीं और ड्रग्स की नई खपत तैयार हो जाती है। यह संकेत है कि एक छोर तोड़ते ही दूसरा सक्रिय हो जाता है।

यही वजह है कि 2025 में ड्रग्स केसों की संख्या 2024 के मुकाबले 47 प्रतिशत बढ़ गई। गिरफ्तारियां भी लगभग दोगुनी हुईं। इसका मतलब यह है कि नशे की जड़ें अब दिल्ली के उन इलाकों तक फैल चुकी हैं, जहां पहले यह चर्चा तक नहीं होती थी। सिर्फ अपराधी नहीं, बल्कि पढ़ाई करने आए स्टूडेंट्स, मल्टीनेशनल में काम करने वाले युवा, और तथाकथित ग्लैमरस नाइटलाइफ़ के शौकीन सब इस जाल में फंसते जा रहे हैं।

के मामले…47 प्रतिशत तक बढ़े बड़े नशे 

2024 में जहां चरस, गांजा और स्मैक की भारी खेप मिली थी, वहीं 2025 में कहानी इसके भी आगे चली गई। एमडीएमए, कोकीन, ट्रामाडोल, नाइट्राजोलम और अल्प्राजोलम की टैबलेट्स की इतनी बड़ी मात्रा में बरामदगी हुई कि यह साफ हो गया कि दिल्ली में पार्टी ड्रग्स का बाजार तेज़ी से फैल रहा है। कुछ ड्रग्स तो ऐसे मिले जिन्हें पहले सिर्फ इंटरनेशनल रेव पार्टियों में देखा जाता था। युवाओं की इस बढ़ती लत ने अपराधियों को इतना हिम्मत दी कि वे दिल्ली के लगभग हर कोने में सप्लाई नेटवर्क खड़ा करने लगे कहीं कैंटीन के रास्ते, कहीं क्लब के बैकडोर से, और कहीं इंस्टाग्राम के डार्क मैसेजेस से।

‘कोड वर्ड’ भेजते ही पहुंच जाती है हाई-क्वालिटी ड्रग्स…

क्राइम ब्रांच के अधिकारियों का कहना है कि पिछले दो सालों में ‘हाई क्वालिटी पार्टी ड्रग्स’ की डिमांड तेजी से बढ़ी है। नाइटलाइफ़, सोशल मीडिया का दबाव, ‘कूल’ दिखने की चाहत और दोस्तों के प्रभाव ने युवाओं को सीधे एक्सटेसी, एलएसडी, कोकीन और हेरोइन तक पहुंचा दिया है। कई छात्रों के फोन में ऐसे सीक्रेट ग्रुप मिले हैं जहां केवल एक ‘कोड वर्ड’ भेजने पर नशा घर के दरवाजे तक पहुंच जाता है। कई परिवारों को तब पता चलता है जब बच्चा चोरी करने लगता है, पैसों के लिए झूठ बोलने लगता है या कर्ज़ के बोझ में दबने लगता है।

डार्क सप्लाई चेन पर टूट रहा क्राइम ब्रांच का शिकंजा…

नशे की लत जब अपराध से जुड़ती है तो उसका असर सिर्फ परिवारों पर नहीं, बल्कि पूरे समाज पर पड़ता है। दिल्ली की यह अंधेरी कहानी बताती है कि नशे का साया युवाओं की जिंदगी नहीं, बल्कि उनके सपनों को भी निगल रहा है। हालांकि इस बीच क्राइम ब्रांच ने अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। गांवों से लेकर विदेशी रूट्स तक, हर सप्लाई चेन पर प्रहार किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर चल रही डार्क सप्लाई चेन को भी हर स्तर पर ट्रेस किया जा रहा है।

हालांकि शुरुआती आकलन बताते हैं कि अगर स्पेशल सेल और जिला पुलिस के आंकड़ों को भी जोड़कर देखा जाए, तो असली तस्वीर कहीं ज़्यादा भयावह नज़र आ सकती है। यह साफ संकेत है कि ड्रग्स गैंग दिल्ली को अंदर ही अंदर खोखला कर रहे हैं और युवा सबसे बड़ा निशाना बन रहे हैं।

स्पेशल सीपी क्राइम ब्रांच देवेश श्रीवास्तव ने क्या कहा?

स्पेशल सीपी क्राइम देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के निर्देश को ध्यान में रखते हुए कि साल 2027 तक दिल्ली को पूरी तरह ड्रग्स-मुक्त करना है, दिल्ली पुलिस तेज़ी से धर-पकड़ की कार्रवाई में जुटी हुई है। उन्होंने बताया कि राजधानी को नशे से आज़ाद कराने के मिशन में कमिश्नर सतीश गोलछा के नेतृत्व में दिल्ली पुलिस की सभी यूनिट लगातार अभियान चला रही हैं और हर स्तर पर सख्ती बढ़ाई गई है।

स्पेशल सीपी के मुताबिक, इसी कड़ी में क्राइम ब्रांच भी नशे के खिलाफ विशेष मुहिम चला रही है, जिसके तहत कई बड़े ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ किया गया है। इस ऑपरेशन के लिए अलग-अलग टीमों को तैनात किया गया है, जबकि क्राइम ब्रांच की एंटी नारकोटिक सेल ने हाल ही में भारी मात्रा में ड्रग्स की कई खेपें पकड़ी है, जो इस मिशन में बड़ी सफलता है।

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