असल न्यूज़। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मॉडल टाउन इलाके में चल रहे ठगी के कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस टीम ने वहां से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी अमेरिकी नागरिकों को ऐपल सपोर्ट के नाम पर ठग रहे थे और क्रिप्टोकरेंसी में पैसे जमा करवा रहे थे। इनके खिलाफ धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। मामले में आगे की छानबीन जारी है।
चला रहे थे फर्जी कॉल सेंटर
पुलिस सूत्र ने बताया कि 16 दिसंबर को क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन किडनैपिंग सेल टीम अपराधियों के बारे में जानकारी जुटा रही थी। रात के समय वह मॉडल टाउन इलाके में पहुंचे तो उन्हें मुखबिर ने सूचना दी कि मॉडल टाउन के गुजरांवाला टाउन में कुछ लोग फर्जी कॉल सेंटर चला रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने उस फ्लैट पर रेड की।
जांच में आया सामने
जहां मोबाइल, लैपटॉप पर काम करते हुए सात लोग मिले। आरोपी मयंक, अमन सिंह, मयंक वर्मा, जैनप्रीत सिंह, दीपांशु, करण कपूर और अवधेश चौधरी को एक तरफ करके पुलिस ने उनके फोन व लैपटॉप की जांच की, जिससे पता चला कि वे अमेरिकी नागरिकों को ठगने का काम कर रहे थे। सभी को गिरफ्तार कर लिया गया।
ऐसे करते थे वारदात
पुलिस सूत्र ने बताया, आरोपियों के पास से सात लैपटॉप और 10 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इनमें स्क्रीन कनेक्ट जैसे रिमोट एक्सेस ऐप पाए गए हैं। आरोपियों ने बताया कि वे अमेरिकी नागरिकों को उनके डिवाइस में दिक्कत होने और बैंक खाते में खतरे की झूठी कहानी सुनाकर पैसे ठगते थे।
क्रिप्टोकरेंसी में बदलते थे ठगी की रकम
ठगे गए पैसे को क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर एरियन, राजेश और रुद्रा नाम के मालिकों के वॉलेट में ट्रांसफर किया जाता था। ये लोग सितंबर 2025 से इस ठगी का काम कर रहे थे। मोबाइल और लैपटॉप में कई अंतरराष्ट्रीय नंबर और ऑडियो क्लिप्स मिले हैं, जो ठगी के सबूत हैं। आगे की जांच जारी है और साइबर फोरेंसिक टीम इन डिवाइसेज की गहन जांच कर रही है।

