असल न्यूज़: दिल्ली पुलिस के एक जवान की सूझबूझ, साहस व कर्तव्यनिष्ठा ने एक बड़े हादसे को टाल दिया. द्वारका जिले के मोहन गार्डन थाना क्षेत्र में तैनात कांस्टेबल अनिल महला ने अपनी जान की परवाह किए बिना जलते गैस सिलेंडर को बाहर निकालकर 16 परिवारों की जान बचा ली. इस बहादुरी भरे कार्य की पुष्टि डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस द्वारका जिला अंकित सिंह ने की है. वहीं कांस्टेबल अनिल महला की इस बहादुरी का वीडियो भी सामने आया है.
डीसीपी अंकित सिंह ने बताया कि 20 दिसंबर को रात करीब 9:39 बजे मोहन गार्डन थाना क्षेत्र में एक चार मंजिला इमारत में गैस सिलेंडर ब्लास्ट की सूचना पीसीआर कॉल के जरिए पुलिस कंट्रोल रूम को मिली थी. सूचना मिलते ही कमांड रूम ने तुरंत थाना प्रभारी मुकेश अंतिल को अलर्ट किया. एसएचओ ने मौके पर रवाना होते हुए बीट स्टाफ को भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए.
डीसीपी के अनुसार फायर ब्रिगेड, पीसीआर और SHO के पहुंचने से पहले ही बीट स्टाफ में तैनात कांस्टेबल अनिल महला मौके पर पहुंच गए. उन्होंने देखा कि किचन में सिलेंडर में आग लगी हुई है. पूरे भवन में गंभीर खतरा बना हुआ है. इमारत में कुल 16 परिवार रहते हैं. तत्काल सभी को बाहर निकाल पाना संभव भी नहीं था. स्थिति की गंभीरता को समझते हुए कांस्टेबल अनिल ने असाधारण साहस का परिचय दिया. बिना किसी सुरक्षा उपकरण के अकेले ही जलते सिलेंडर को किचन से बाहर निकाला. इसके बाद उन्होंने आग पर काबू पाया, जिससे एक बड़े विस्फोट व संभावित जनहानि को टाल दिया गया.
रैपिड रेल में गंदी हरकत करते लड़का-लड़की का वीडियो हुआ वायरल.
डीसीपी अंकित सिंह ने कहा कि कांस्टेबल अनिल महला ने अपने जीवन की परवाह किए बिना त्वरित निर्णय लिया, जिससे एक बड़ी त्रासदी टल गई. उन्होंने कहा कि यह कार्य भले ही किसी को जोखिम भरा लगे, लेकिन यही दिल्ली पुलिस के जवानों की जिम्मेदारी, साहस व सेवा भावना को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि यह पूरी पुलिस फोर्स के लिए गर्व का क्षण है. कांस्टेबल अनिल महला की बहादुरी दूसरों के लिए प्रेरणा है. उनकी बहादुरी का वीडियो देख लाख तारीफ कर रहे हैं.

