असल न्यूज़: फास्ट फूड के सेवन से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें 17 वर्षीय छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई।
चिकित्सकों के अनुसार फास्ट फूड में इस्तेमाल की जाने वाली संक्रमित पत्ता गोभी के सेवन से छात्रा के दिमाग में गांठें बनने की आशंका जताई गई है। दिल्ली में ऑपरेशन के बावजूद छात्रा को बचाया नहीं जा सका, जिससे परिवार में कोहराम मच गया।
24 दिसंबर को अमरोहा नगर कोतवाली क्षेत्र के मुहल्ला अफगानान निवासी छात्रा अहाना की मौत को लोग अभी भूले भी नहीं थे कि फास्ट फूड की लत ने एक और छात्रा को मौत की नींद सुला दिया।
थाना क्षेत्र के गांव चुचेला कला निवासी नदीम अख्तर अपनी पत्नी शमा परवीन व तीन बच्चों के साथ रहते हैं। हाल ही में उन्होंने नोएडा में कबाड़ का कारोबार शुरू किया था। उनकी पुत्री इलमा (17) शहर के एक कॉलेज में कक्षा 12 की छात्रा थी।
स्वजन के अनुसार करीब एक माह पूर्व इलमा को अचानक तेज बुखार आया था। बुखार कम न होने पर पिता उसे अपने साथ नोएडा ले गए, जहां उसका उपचार शुरू कराया गया। इलाज के दौरान नोएडा के चिकित्सक डॉ. अब्दुल कलाम ने जांच में दिमाग में गांठें होने की जानकारी दी।
हालत गंभीर होने पर स्वजन उसे दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां 22 दिसंबर को उसे भर्ती कराया गया। शनिवार को छात्रा के दिमाग का ऑपरेशन किया गया, लेकिन इसके बाद भी उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका।
सोमवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि फास्ट फूड में प्रयुक्त पत्ता गोभी में पाए जाने वाले कीड़े या संक्रमण के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
छात्रा की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और गांव में शोक का माहौल छा गया। सोमवार की रात छात्रा के शव को ग्राम में लाया गया, जहां कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। घटना के बाद फास्ट फूड की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है।

