असल न्यूज़। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है, जो नामी कंपनियों के नकली घरेलू सामान बनाता और बेचता था. क्राइम ब्रांच की ईस्टर्न रेंज-1 टीम ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नितिन कुमार, रजत सिंघल उर्फ चिंटू, सुरेंद्र गुज्जर और मुजाहिद उर्फ कार्तिक के रूप में हुई है.
क्राइम ब्रांच के डीसीपी विक्रम सिंह ने बताया कि आरोपियों को उत्तम नगर इलाके में नकली सामान की बड़ी खेप लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है. मौके से भारी मात्रा में घी, ईनो और करीब तीन हजार किलो नकली टाटा नमक बरामद किया गया है. जांच के दौरान कंझावला औद्योगिक क्षेत्र में एक अवैध फैक्ट्री का भी पता चला, जहां मिलावटी कच्चे माल से नकली घी तैयार किया जा रहा था.
डीसीपी विक्रम सिंह ने बताया कि फैक्ट्री से पैकिंग मशीन, फर्जी रैपर और अन्य सामग्री भी बरामद की गई. इसके अलावा, निलोठी एक्सटेंशन इलाके में एक गोदाम से दो हजार किलो से ज्यादा नकली टाटा नमक बरामद हुआ, जिसे दोबारा पैक कर असली बताकर बाजार में उतारा जा रहा था. कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधियों ने जांच के बाद सभी उत्पादों को नकली और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक बताया.
जांच में सामने आया है कि आरोपी सस्ते कच्चे माल से नकली घी और अन्य उत्पाद बनाकर असली ब्रांड की पैकिंग में बेचते थे. इससे उन्हें 50 प्रतिशत से ज्यादा मुनाफा होता था, जबकि आम लोग अनजाने में मिलावटी और नुकसानदेह सामान का इस्तेमाल कर रहे थे. खासतौर पर नकली घी और नमक जैसे खाद्य पदार्थ सीधे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकते हैं.
क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की जांच में जुट गई है. डीसीपी का कहना है कि इस तरह के नकली उत्पाद न सिर्फ कंपनियों को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि आम जनता की जान के लिए भी बड़ा खतरा हैं. ऐसे में लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है. किसी भी संदिग्ध या सस्ते दाम पर मिलने वाले ब्रांडेड सामान को खरीदने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए.

