असल न्यूज़: दिल्ली और मथुरा में यमुना सबसे अधिक प्रदूषित है। हरियाणा में तीन जगहों पर यमुना अच्छी हालत में है। सानीपत से यमुना में प्रदूषण बढ़ना शुरू हो जाता है। यहां पर नाले यमुना में मिलते हैं। नामामि गंगे प्रोग्राम 2024 पर सालाना गतिविधियों की रिपोर्ट केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने जारी कर दी है। इसी रिपोर्ट में गंगा के साथ यमुना को लेकर भी पूरी जानकारी दी गई है।
इतनी जगहों का लिया गया सैंपल
रिपोर्ट के मुताबिक यमुना में 16 जगहों पर पानी की जांच हुई। इनमें दो जगहों पर यमुना बहुत अच्छी हालत में, 6 जगहों पर अच्छी, 8 जगहों पर सामान्य हालत में मिली। अहम यह है कि कहीं पर भी यमुना में पानी की बायोलॉजिकल वॉटर क्वॉलिटी (BWQ) खराब या बेहद खराब नहीं मिली। यमुनोत्रि से BWQ की स्थिति बिगड़ना शुरू हो जाती है। यमनोत्री में इसकी वजह यहां चलने वाली धार्मिक गतिविधियों को बताया गया है।
पॉल्यूशन की रियल टाइम मॉनिटरिंग करेंगे ये स्टेशन
राजधानी दिल्ली में डीपीसीसी ने यमुना में पॉल्यूशन की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए 41 ऑनलाइन मॉनिटरिंग स्टेशन लगाने का फैसला लिया था। इसके लिए दिल्ली प्रदूषण कंट्रोल कमिटी (डीपीसीसी) ने टेंडर जारी कर दिया है। आपको बता दें कि पहले 32 मॉनिटरिंग स्टेशन लगाने की प्लानिंग थी। अब नए टेंडर के अनुसार 41 में से 14 यमुना पर और 27 यमुना में गिरने वाली दिल्ली की विभिन्न ड्रेन पर लगेंगे। बोर्ड के इस प्रोजक्ट का मकसद है कि इससे पता चल जाएगा कि यमुना के किस पॉइंट पर सबसे ज्यादा प्रदूषण है। साथ ही तुरंत कदम उठाया जा सकता है।

