असल न्यूज़: सागरपुर पुलिस थाने के एक वीडियो ने गुरुवार को वकीलों के बीच इतनी खलबली मचा दी कि उन्होंने शुक्रवार को इस थाने के घेराव तक का फैसला ले लिया। हालांकि, इस मुद्दे पर पुलिस अधिकारियों से मुलाकात के बाद वे कुछ शांत हुए और घेराव का फैसला कमिटी ने वापस ले लिया। कमिटी ने बताया कि पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया है और इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए विजिलेंस इंक्वायरी का आदेश जारी कर दिया है।
इस मुद्दे पर कोऑर्डिनेशन कमिटी के सर्कुलर के साथ डीसीपी, साउथ वेस्ट अमित गोयल का भी लेटर सामने आया, जिसके मुताबिक, मामले में विजिलेंस इंक्वायरी शुरू की गई है और गुस्ताख पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई हुई है जिसमें एक सब इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया गया है और एक एसआई को सागरपुर थाने के एसएचओ के साथ डिस्ट्रिक्ट लाइन/साउथ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट भेज दिया है यानी लाइन हाजिर किया है।
क्या है विवाद?
दरअसल यह पूरा विवाद एक वीडियो से शुरू हुआ जो गुरुवार को वकीलों के बीच वायरल हो रहा था। इसमें सागरपुर थाने के कुछ पुलिसवाले एक महिला को वकील की मदद लेने से रोकते हुए और वकीलों के बारे में अनैतिक बातें बोलते हुए सुनाई दिए।
थाने पहुंच दर्ज कराया विरोध
पुलिसवालों के मुंह से अपने बारे में विवादित विचार सुनकर दिल्ली के वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा। तुरंत ही कुछ वकील सागरपुर थाने पहुंचे गए और अपना विरोध दर्ज कराया।

