उत्तर प्रदेश के सीतापुर में सत्तारूढ़ दल के भीतर ही कानून-व्यवस्था को लेकर असहज स्थिति देखने को मिली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक विधायक ने स्थानीय पुलिस के खिलाफ धरना शुरू कर दिया, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
क्या है मामला?
सूत्रों के अनुसार, विधायक ने आरोप लगाया है कि:
पुलिस उनकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई नहीं कर रही।
क्षेत्र में अपराध और अव्यवस्था की घटनाएं बढ़ रही हैं।
प्रशासनिक स्तर पर सुनवाई नहीं हो रही।
इन्हीं मांगों को लेकर विधायक ने सार्वजनिक रूप से धरना देकर विरोध जताया।
सरकार का रुख
वहीं दूसरी ओर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार यह दावा करते रहे हैं कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर है और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण है। ऐसे में सत्तारूढ़ दल के विधायक का अपनी ही सरकार की पुलिस के खिलाफ धरना देना कई सवाल खड़े कर रहा है।
सियासी मायने
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मामला:
स्थानीय प्रशासनिक असंतोष का संकेत हो सकता है,
या फिर क्षेत्रीय स्तर पर समन्वय की कमी को दर्शाता है।
विपक्ष ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।
आगे की स्थिति
अब नजर इस बात पर है कि:
क्या पुलिस प्रशासन विधायक की मांगों पर कार्रवाई करेगा?
क्या पार्टी नेतृत्व इस विवाद को सुलझाने के लिए हस्तक्षेप करेगा?
सीतापुर का यह घटनाक्रम प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ सकता है।

