असल न्यूज़: राजधानी दिल्ली में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत क्राइम ब्रांच की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने करीब 4.5 करोड़ रुपये कीमत की साइकोट्रॉपिक दवाएं बरामद करते हुए एक बड़े ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है।
सीक्रेट इनपुट पर बिछाया गया जाल
पुलिस के मुताबिक, 17 मार्च 2026 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में ड्रग्स सप्लाई की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद इंस्पेक्टर प्रवीण राठी के नेतृत्व में टीम ने शिव विहार तिराहा, जोहरीपुर रोड पर जाल बिछाया। यहां एक युवक को नाबालिग के साथ बाइक पर ड्रग्स ले जाते हुए पकड़ा गया। आरोपी की पहचान नितिन पाठक के रूप में हुई है।
उसके पास से 11,900 अल्प्राजोलम टैबलेट (करीब 1.912 किलोग्राम) और 825 ट्रामाडोल टैबलेट (0.491 किलोग्राम) बरामद की गईं।
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UP तक फैला ड्रग नेटवर्क
पूछताछ के आधार पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के भोपुरा स्थित एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारा, जहां से 1.218 किलोग्राम ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए गए। इस मामले में दुकान मालिक प्रेम सिंह यादव को गिरफ्तार किया गया।
आगे की जांच में 21 मार्च को लक्ष्मी नगर निवासी शालू कुमार के घर पर भी छापेमारी की गई, जिससे नेटवर्क के और लिंक सामने आए।
नकली सप्लिमेंट रैकेट का भी खुलासा
इसी कार्रवाई के दौरान क्राइम ब्रांच ने नकली प्रोटीन सप्लिमेंट बनाने और बेचने वाले गिरोह का भी पर्दाफाश किया। पहले गिरफ्तार आरोपी मोहित तिवारी और मोहित दीक्षित से पूछताछ के बाद हरियाणा निवासी नवीन कुमार उर्फ बंजारा को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 150 किलो नकली न्यूट्रिशन सप्लिमेंट, कच्चा माल, पैकेजिंग सामग्री और विभिन्न ब्रांड्स के फर्जी स्टिकर भी बरामद किए हैं।
पुलिस जांच जारी
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ड्रग्स और नकली सप्लिमेंट का यह कारोबार किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है।

