असल न्यूज़: राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को काबू करने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अब शहर में एंट्री लेने वाले कमर्शियल वाहनों पर एनवायरनमेंट कंपेनसेशन चार्ज (ECC) बढ़ा दिया गया है। नए रेट आज से लागू हो गए हैं, जिससे खासतौर पर डीजल ट्रक और भारी वाहनों पर सीधा असर पड़ेगा।
कितना बढ़ा टैक्स?
नई दरों के मुताबिक अब छोटी कमर्शियल गाड़ियों और 2 एक्सल ट्रकों को पहले के 1400 रुपये की जगह 2000 रुपये चुकाने होंगे, यानी करीब 43% की बढ़ोतरी। वहीं 3 एक्सल और मल्टी एक्सल ट्रकों के लिए ECC 2600 रुपये से बढ़ाकर 4000 रुपये कर दिया गया है, जो करीब 53-54% ज्यादा है।
ये नई दरें दिल्ली नगर निगम के सर्कुलर के जरिए लागू की गई हैं। साथ ही नियम बनाया गया है कि हर साल 1 अप्रैल से ECC में 5% की बढ़ोतरी अपने आप लागू होगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद फैसला
यह फैसला भारत का सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद लागू किया गया है। 12 मार्च को MC Mehta बनाम यूनियन ऑफ इंडिया केस में कोर्ट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए कहा था कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए इसे तुरंत लागू किया जाए।
कोर्ट ने टोल वसूली सिस्टम को भी एकसमान बनाने और ट्रैफिक व रेवेन्यू की लगातार मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। साथ ही भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के साथ मिलकर बेहतर व्यवस्था बनाने को कहा गया है।
प्रदूषण कंट्रोल है मुख्य लक्ष्य
यह चार्ज खास तौर पर उन वाहनों पर लगाया जाता है जो ज्यादा प्रदूषण फैलाते हैं। इसका मकसद भारी वाहनों की एंट्री कम करना और उन्हें एक्सप्रेसवे या बाईपास की ओर डायवर्ट करना है।
इस प्रस्ताव को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने तैयार किया था, जिसे अदालत ने संतुलित और जरूरी कदम माना। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे दिल्ली में ट्रैफिक दबाव कम होगा और एयर क्वालिटी में सुधार देखने को मिल सकता है।
निष्कर्ष:
नई ECC दरें लागू होने के बाद अब कमर्शियल वाहनों की दिल्ली एंट्री महंगी हो गई है। आने वाले समय में इसका असर शहर के प्रदूषण स्तर और ट्रैफिक दोनों पर देखने को मिल सकता है।

