आउटर नॉर्थ साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 336 साइबर फ्रॉड शिकायतों से जुड़े मिले संदिग्ध अकाउंट
अजय शर्मा: दिल्ली के आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़े संगठित साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए म्यूल बैंक अकाउंट और शेल कंपनियों के जरिए चल रहे मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में एक डमी डायरेक्टर को गिरफ्तार किया गया है, जबकि जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि महज 8 दिनों के भीतर ₹16 करोड़ से अधिक का लेन-देन किया गया।
पुलिस के मुताबिक, यह नेटवर्क देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी साइबर ठगी से जुटाए गए पैसों को ठिकाने लगाने का काम करता था। अपराधी म्यूल अकाउंट और फर्जी कंपनियों के जरिए पैसों की हेराफेरी कर ट्रैकिंग से बचने की कोशिश करते थे।
जांच की शुरुआत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज शिकायतों के डेटा विश्लेषण से हुई। साथ ही इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर के “समन्वय पोर्टल” से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने “म्यूल हंटिंग” अभियान के तहत कार्रवाई को आगे बढ़ाया।
इस मामले में साइबर क्राइम थाना, आउटर नॉर्थ में BNS की धारा 112/317(2)/317(5) के तहत केस दर्ज किया गया। जांच के दौरान ‘MESSIT TRADEX PRIVATE LIMITED’ नाम की एक कंपनी के बैंक अकाउंट पर शक गहराया, जो बवाना स्थित एक राष्ट्रीयकृत बैंक में खोला गया था।
पुलिस की जांच, में सामने आया कि यह अकाउंट देशभर में दर्ज 336 साइबर धोखाधड़ी मामलों से जुड़ा हुआ है। मनी ट्रेल की जांच में यह अकाउंट अलग-अलग स्तरों पर संदिग्ध ट्रांजैक्शनों में इस्तेमाल होता पाया गया।
अधिकारियों का कहना है, कि यह कार्रवाई साइबर अपराध के आर्थिक नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में बड़ी सफलता है। फिलहाल पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और कंपनियों की पहचान कर रही है और आगे की जांच जारी है।
मुख्य बिंदु:
- 8 दिनों में ₹16 करोड़ का संदिग्ध ट्रांजैक्शन
- 336 साइबर फ्रॉड शिकायतों से जुड़ा एक अकाउंट
- म्यूल अकाउंट और शेल कंपनियों का इस्तेमाल
- डमी डायरेक्टर गिरफ्तार, अन्य आरोपियों की तलाश जारी

