रूस-तुर्की-अजरबैजान में नौकरी दिलाने का लालच; पासपोर्ट और फर्जी वीजा बनाकर सैकड़ों लोगों से ठगी
असल न्यूज़: दिल्ली में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय फर्जी वीजा गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सलाउद्दीन मंसूरी उर्फ हैदर खान, मोहम्मद शाहजाद और कौसर के रूप में हुई है।
कैसे चल रहा था फर्जी वीजा रैकेट?
जांच में सामने आया कि गिरोह सोशल मीडिया और इंटरनेट प्लेटफॉर्म पर विदेश में हाई सैलरी नौकरी के विज्ञापन डालता था।
- पीड़ितों से WhatsApp के जरिए संपर्क
- पासपोर्ट कूरियर से मंगवाना
- स्कैन कॉपी पर फर्जी वीजा तैयार करना
- फर्जी एयर टिकट और वेरिफिकेशन लिंक भेजना
जैसे ही पीड़ित पैसे जमा करते, आरोपी मोबाइल बंद कर फरार हो जाते थे।
किन देशों के नाम पर होती थी ठगी?
गिरोह खासतौर पर इन देशों में नौकरी दिलाने का झांसा देता था:
- रूस
- तुर्की
- अजरबैजान
पुलिस कार्रवाई और बरामदगी
पुलिस ने नेताजी सुभाष प्लेस के पास छापेमारी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
बरामदगी में शामिल हैं:
- 5 असली पासपोर्ट
- 7 मोबाइल फोन
- कई फर्जी दस्तावेज
फरार मास्टरमाइंड मोहम्मद मुन्ना की तलाश जारी है।
आरोपियों की भूमिका
- सलाउद्दीन मंसूरी: फर्जी कंपनी “सबा एंटरप्राइजेज” का HR बनकर लोगों को फंसाता था
- कौसर: क्लाइंट लाना, दस्तावेज जुटाना, फर्जी सिम इस्तेमाल करना
- मोहम्मद शाहजाद: पैसे इकट्ठा करना और नेटवर्क संभालना
क्या है पुलिस की सलाह?
पुलिस ने लोगों को आगाह किया है कि:
- सोशल मीडिया जॉब ऑफर पर आंख बंद कर भरोसा न करें
- बिना सत्यापन पैसे न भेजें
- किसी भी एजेंसी की वैधता जरूर जांचें
निष्कर्ष
यह मामला दिखाता है कि विदेश में नौकरी के नाम पर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सतर्कता और सही जानकारी ही ऐसे फ्रॉड से बचने का सबसे बड़ा उपाय है।

