असल न्यूज़: दिल्ली के पॉश इलाके कोहाट एन्क्लेव से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि झारखंड की एक आदिवासी युवती को नाबालिग अवस्था में दिल्ली लाकर वर्षों तक एक घर में बंधक बनाकर रखा गया और उसके साथ गंभीर उत्पीड़न किया गया।
कैसे शुरू हुई पूरी घटना?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता को करीब 15 साल की उम्र में उसके गांव से नौकरी का झांसा देकर दिल्ली लाया गया। उसे एक कारोबारी के घर घरेलू काम के लिए रखा गया, लेकिन आरोप है कि इसके बाद उसका बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह तोड़ दिया गया।
परिजनों से संपर्क न हो सके, इसके लिए उसके पास मौजूद फोन नंबर तक नष्ट कर दिए गए। इसी दौरान उसके पिता का निधन हो गया, लेकिन उसे घर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
उत्पीड़न के गंभीर आरोप
पीड़िता ने अपनी शिकायत में कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें:
- बार-बार शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना
- यौन शोषण के आरोप
- जबरन गर्भपात कराने का आरोप
बताया गया है कि घटनाओं के दौरान उसे चुप रहने के लिए धमकाया और पीटा जाता था।
परिवार की जिद से मिली आजादी
पीड़िता के भाई-बहनों ने एक NGO की मदद से उसे छुड़ाने की कोशिश की। शुरुआती प्रयास में उन्हें धमकाकर भगा दिया गया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
बताया जा रहा है कि 9 अप्रैल को दोबारा पहुंचकर परिजनों ने दबाव बनाया, जिसके बाद युवती को वहां से बाहर निकाला गया।
पुलिस में शिकायत दर्ज
आज़ाद होने के बाद पीड़िता ने दिल्ली पुलिस के सुभाष प्लेस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और सभी आरोपों की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
निष्कर्ष
यह मामला घरेलू कामगारों की सुरक्षा, मानव तस्करी और लंबे समय तक होने वाले शोषण पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।

