क्रूड सस्ता होने पर भारी कमाई, अब युद्ध के नाम पर बढ़ते दामों का दबाव
असल न्यूज़: देश की तेल कंपनियों ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारी मुनाफा कमाया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, चार प्रमुख तेल कंपनियों ने शुरुआती 9 महीनों में कुल ₹1.37 लाख करोड़ का लाभ अर्जित किया, यानी औसतन रोजाना ₹116 करोड़ की कमाई की।
इस दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड) की औसत कीमत करीब 71 डॉलर प्रति बैरल रही, जो कोविड काल 2020-21 के बाद सबसे कम स्तर था।
⛽ अब नुकसान का दावा क्यों?
हाल ही में ईरान-अमेरिका युद्ध के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमतें 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, जो 4 साल का उच्चतम स्तर है। हालांकि बाद में यह घटकर करीब 116 डॉलर पर आ गई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, महंगे कच्चे तेल की वजह से तेल कंपनियां अब रोजाना करीब ₹2,400 करोड़ के नुकसान का दावा कर रही हैं।
- पेट्रोल पर: ₹14 प्रति लीटर नुकसान
- डीजल पर: ₹18 प्रति लीटर नुकसान
इसी आधार पर कंपनियां पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने का दबाव बना रही हैं।
2 महीने में तेजी, पहले था सस्ता तेल
जानकारी के अनुसार:
- 27 फरवरी 2026 तक क्रूड कीमत: $76 प्रति बैरल
- 2 महीने में तेजी के बाद: $126 तक पहुंचा
यानी कीमतों में अचानक उछाल हालिया घटनाओं का असर है, जबकि पूरे साल का औसत काफी कम रहा।
सरकार के कदम
सरकार ने बढ़ती कीमतों के बीच राहत देने के लिए:
- 27 मार्च को पेट्रोल-डीजल पर ₹10-₹10 एक्साइज ड्यूटी घटाई
- इससे हर महीने करीब ₹12,000 करोड़ का राजस्व नुकसान हो रहा है
विंडफॉल टैक्स से भरपाई
सरकार ने नुकसान की भरपाई के लिए डीजल निर्यात पर ‘विंडफॉल टैक्स’ बढ़ाया:
- पहले: ₹21.50 प्रति लीटर
- अब: ₹55.5 प्रति लीटर
इससे सरकार को हर महीने करीब ₹10,500 करोड़ की आय हो रही है।
कंपनियों की नई पाबंदियां
तेल कंपनियों ने घाटा कम करने के लिए सख्ती शुरू की है:
- पेट्रोल पंपों को सीमित स्टॉक बेचने के निर्देश
- एक ग्राहक को 200 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं दिया जाएगा
- इंडस्ट्री को बल्क सप्लाई पर नियंत्रण
सीजफायर के बाद राहत
ईरान-अमेरिका युद्धविराम के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है।
- पहले: $150 (इंडियन बास्केट)
- अब: करीब $100 प्रति बैरल
मुख्य बातें (Quick Highlights)
- 2025-26 में तेल कंपनियों का बड़ा मुनाफा
- अब युद्ध के बीच नुकसान का दावा
- पेट्रोल-डीजल कीमत बढ़ाने का दबाव
- सरकार ने टैक्स घटाया, विंडफॉल टैक्स बढ़ाया
- आम जनता पर असर पड़ने की आशंका

