मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है, जरूरतमंदों तक समय पर सहायता पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता”
अजय शर्मा: दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने आज ‘मुख्यमंत्री सेवा सदन’ से बेसहारा, बीमार और असहाय लोगों के लिए एक विशेष ‘सेवा एवं रेस्क्यू अभियान’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विशेष एम्बुलेंस और रेस्क्यू वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पांच दिवसीय सघन अभियान 11 मई से 15 मई, 2026 तक दिल्ली के सभी 13 जिलों में चलाया जाएगा। इस विशेष अभियान के माध्यम से दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 300 से अधिक जरूरतमंद लोगों को तत्काल सहायता प्रदान की जाएगी।
यह मानवीय पहल समाज कल्याण विभाग (दिल्ली सरकार), अपना घर आश्रम और सेवा भारती (दिल्ली प्रांत) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जा रही है। इस अवसर पर डा बी एम भारद्वाज जी संस्थापक अपना घर आश्रम , श्री रमेश अग्रवाल जी दिल्ली प्रांत अध्यक्ष सेवा भारती, श्री वीरपाल जी, श्री विकास जैन जी पूठ आश्रम , श्री सांवर मल गोयल बुढपुर आश्रम , श्री अजय बंसल जी पंजाब खोर आश्रम, श्री राजेश जैन, डॉ संजय जिंदल जी सेवा भारती, श्री बलराज डबास जी, श्री के एल जिंदल जी एंव सभी सम्बन्धित विभाग वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे
मुख्यमंत्री ने कहा कि, आज दिल्ली सरकार ने उन विशेष एंबुलेंस एवं रेस्क्यू वाहनों को रवाना किया है, जो पूरे शहर में सड़कों, फुटपाथों एवं सार्वजनिक स्थलों पर रहने वाले निराश्रित, बीमार एवं असहाय लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को अपना घर आश्रम में लाकर उनका उपचार, देखभाल, भोजन, चिकित्सा एवं पुनर्वास सुनिश्चित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यदि किसी जरूरतमंद व्यक्ति का परिवार उपलब्ध होगा, और वह उन्हें वापस अपने साथ ले जाने के लिए तैयार होगा, तो स्वस्थ होने के बाद उन्हें परिवार से पुनः जोड़ा जाएगा। वहीं जिन लोगों का कोई सहारा नहीं है, उनकी देखभाल आश्रम में ही पूरी संवेदनशीलता और मानवता के साथ की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अपना घर आश्रम की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा, कि यह संस्था सही मायनों में मानवता की सेवा का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हजारों बुजुर्ग, महिलाएं एवं बेसहारा लोग इस संस्था के माध्यम से नया जीवन और सम्मानजनक देखभाल प्राप्त कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई लोग गंभीर बीमारियों, शारीरिक तकलीफों और उपेक्षा की स्थिति में सड़कों के किनारे पड़े रहते हैं, जिन्हें समय पर उपचार, भोजन और आश्रय तक नहीं मिल पाता। ऐसे लोगों तक सहायता पहुंचाना समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार पुलिस प्रशासन, समाज कल्याण विभाग और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति सहायता से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान केवल रेस्क्यू कार्यक्रम नहीं, बल्कि मानवता, संवेदनशीलता और सेवा की भावना से जुड़ा एक बड़ा सामाजिक प्रयास है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर इस अभियान की अवधि को आगे भी बढ़ाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक सहायता पहुंचाई जा सके।
अभियान के मुख्य बिंदु:
19 विशेष रेस्क्यू वाहन: दिल्ली की सड़कों, फुटपाथों और सार्वजनिक स्थलों पर उपेक्षित पड़े निराश्रितों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाएंगे।
व्यापक उपचार और पुनर्वास: रेस्क्यू किए गए लोगों को ‘अपना घर आश्रम’ में चिकित्सा, भोजन और सम्मानजनक देखभाल प्रदान की जाएगी।
परिवार से पुनर्मिलन: स्वस्थ होने के बाद, जिन व्यक्तियों के परिवार का पता चलेगा, उन्हें काउंसलिंग के माध्यम से वापस घर भेजा जाएगा। निराश्रितों की पूरी जिम्मेदारी आश्रम उठाएगा।
वन विंडो सिस्टम: अभियान के सुचारू संचालन के लिए समाज कल्याण विभाग के समन्वय से 24 घंटे कार्यरत एक विशेष तंत्र (System) विकसित किया गया है।

