असल न्यूज़। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) समर्थित इंटरनेशनल हथियार तस्करी और आतंकी मॉड्यूल से जुड़े दो और आरोपियों को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान महफूज अली उर्फ बॉबी उर्फ कबूतर (43) और मोहम्मद अहमद (35) के रूप में हुई है। इनसे चेक रिपब्लिक में बनी एक सब-मशीन गन, तीन विदेशी सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और 82 कारतूस बरामद किए गए हैं। अब तक सिंडिकेट से जुड़े 18 आरोपियों को अरेस्ट किया जा चुका है। इस केस में UAPA लगाया गया है।
स्पेशल सीपी (क्राइम) एचजीएस धालीवाल के मुताबिक, हाशिम बाबा गैंग से जुड़ा जाफराबाद निवासी महफूज कई चर्चित गैंगवॉर और मर्डर में शामिल रहा है। गैंगस्टर अब्दुल नासिर-हाशिम बाबा पर 2019 के मकोका केस में ये आरोपी था, जो तब से पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा था। ये फरार हथियार सप्लायर शाहबाज अंसारी और रेहान अंसारी के सिंडिकेट का सक्रिय मेंबर था, जिसे सीलमपुर का सलीम पिस्टल ऑपरेट कर रहा था।
महफूज ने खुलासा किया कि सलीम ने बड़ी मात्रा में हथियार इकट्ठा करने को कहा था, ताकि भविष्य में भीड़ भाड़ वाली जगहों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दहशत फैलाने और देश की आंतरिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने की साज़िश को अंजाम दिया जा सके। पाकिस्तान से हथियारों के पुर्जों को वेल्डिंग मशीनों और गियर बॉक्स में छिपाकर हवाई कार्गो से नेपाल भेजा जाता था, जहां से भारत लाया जाता।
मूसेवाला मर्डर के साक्ष्य लगाए थे ठिकाने
महफूज ने 2021 में जेल में बंद हाशिम के निर्देश पर पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या के आरोपियों को पंजाब भेजने में मदद की। वारदात के बाद उनके फोन और इंटरनेट डोंगर यमुना में फेंके। हाशिम के कहने और केबलवाला के को-ऑर्डिनेशन से 2022 में गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के गिरोह को भी 5-6 विदेशी पिस्टल दिए थे।
यूपी का हथियार सप्लायर भी अरेस्ट
दूसरा आरोपी जौनपुर निवासी मोहम्मद अहमद 2020 में दिल्ली के वसीम मलिक के टच में आने के बाद हथियार सप्लायर बना। वह आजमगढ़ और आसपास के अपराधियों से हरेक हथियार पर 10 से 15 हजार कमिशन लेता था। सिंडिकेट इस कमाई से आतंकी गतिविधियों को अंजाम देना चाहता था। एसीपी संजय नागपाल की देखरेख में बनी इंस्पेक्टर मान सिंह और सुंदर गौतम की टीम ने अब तक 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर दो सब-मशीन गन समेत 32 विदेशी हथियार 363 कारतूस जब्त किए हैं।

