Thursday, May 23, 2024
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Laxmi Panchami: लक्ष्‍मी जी को प्रसन्‍न करने का सुनहरा मौका, जान लें खास वजह और तरीका

असल न्यूज़: हिंदू धर्म में लक्ष्‍मी माता को धन की देवी माना गया है. लक्ष्‍मी जी की कृपा हो तो जातक का जीवन अपार धन-ऐश्‍वर्य और सुख में बीतता है. इसलिए लोग लक्ष्‍मी माता को प्रसन्‍न करने के लिए कई जतन करते रहते हैं. वैसे तो लक्ष्‍मी पूजा का सबसे बड़ा दिन दीपावली का दिन होता है. इस साल 1 नवंबर 2024 को दिवाली मनाई जाएगी. लेकिन उससे पहले मां लक्ष्‍मी को प्रसन्‍न करने का एक बड़ा मौका कल यानी कि 12 अप्रैल को मिल रहा है. 12 अप्रैल शुक्रवार को लक्ष्‍मी पंचमी है. चैत्र शुक्‍ल पंचमी को लक्ष्‍मी पंचमी मनाई जाती है. यह दिन मां लक्ष्‍मी को समर्पित है. हर साल श्री पंचमी या लक्ष्‍मी पंचमी नाम से यह पर्व मनाया जाता है. लक्ष्मी पंचमी का व्रत रखने और माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं. साथ ही इस दिन किए गए बड़ी से बड़ी आर्थिक समस्या को दूर कर सकते हैं.

लक्ष्‍मी पंचमी पर गजब का संयोग

इस बार की लक्ष्‍मी पंचमी तो और भी खास है क्‍योंकि यह 12 अप्रैल को शुक्रवार के दिन पड़ रही है. शुक्रवार का दिन भी धन की देवी मां लक्ष्‍मी को ही समर्पित है.

लक्ष्‍मी पंचमी पूजा मुहूर्त 2024

इस बार लक्ष्मी पंचमी पर्व पर पूजा करने के शुभ मुहूर्त 12 अप्रैल, शुक्रवार को सुबह 11 बजे के बाद से करीब 3 बजे के बीच ही हैं. इसमें अभिजीत मुहूर्त – सुबह 11 बजकर 56 मिनट से लेकर 12 बजकर 47 मिनट तक, विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 30 मिनट से लेकर दोपहर 03 बजकर 21 मिनट तक, लाभ मुहूर्त – सुबह 11 बजकर 15 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 06 मिनट तक, अमृत मुहूर्त – दोपहर 12 बजकर 06 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजे तक हैं.

लक्ष्‍मी पंचमी पर ऐसे करें लक्ष्‍मी माता को प्रसन्‍न

लक्ष्मी पंचमी की सुबह जल्‍दी स्‍नान करके लाल रंग के कपड़ पहनें. फिर लक्ष्‍मी जी का स्‍मरण करके लक्ष्‍मी पंचमी व्रत रखने का संकल्‍प लें. फिर चौकी पर लाल क‍पड़ा बिछाकर भगवान विष्‍णु और मां लक्ष्‍मी की तस्‍वीर या प्रतिमा स्‍थापित करें. मां लक्ष्‍मी के साथ भगवान विष्‍णु की पूजा करने से धन की देवी जल्‍दी प्रसन्‍न होती हैं. पूजा में हल्‍दी और 7 पीली कौड़ी जरूर अर्पित करें. पूजा के बाद अगले दिन हल्‍दी की गांठ और कौडि़यों को अलग-अलग 2 पो‍टलियों में बांध लें. कौड़ी वाली पोटली को तिजोरी में और हल्‍दी की पोटली जेब में रख लें. इससे आर्थिक तंगी दूर होती है.

लक्ष्‍मी जी की पूजा में खीर या दूध से बनी खीर जरूर अर्पित करें. खीर मखाने की ड्राई फ्रट्स की हो सकती है. फिर यह खीर कन्‍याओं में बांट दें. शाम को तुलसी के पौधे के नीचे दीपक जलाएं. संभव हो तो इस दिन किसी निर्धन व्यक्ति या ब्राह्मण को दान जरूर दें. यह काम करने से मां लक्ष्‍मी प्रसन्‍न होकर कृपा करेंगी और जीवन को सुख-समृद्धि से भर देंगी.

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