Saturday, July 20, 2024
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NDA की जीत का मामला फंसा? 48 वोट से जीत, CCTV फुटेज गायब.

असल न्यूज़: मुंबई उत्तर पश्चिम (Mumbai North West) की लोकसभा सीट पर शिवसेना उम्मीदवार रवींद्र वायकर (Ravindra Waikar) को 48 वोट से जीत मिली थी. उन्होंने शिवसेना (UBT) के उम्मीदवार अमोल गजानन किर्तिकर (Amol Kirtikar) को हराया था. वोटिंग सेंटर पर गड़बड़ी की आशंका जताते हुए इस मामले में FIR दर्ज कराने की मांग की गई है. लेकिन अब इस मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है. पुलिस की तरफ से रिटर्निंग ऑफिसर (RO) पर आरोप लगाया गया है कि वो इस मामले में FIR नहीं दर्ज होने दे रहे हैं.

बता दें मिड डे की एक रिपोर्ट के अनुसार, RO पर आरोप लगा है कि उन्होंने वोटिंग हॉल के CCTV फुटेज उपलब्ध कराने में सहयोग नहीं किया. मुंबई के नेस्को काउंटिंग सेंटर में वायकर के रिश्तेदार को कथित तौर पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए देखा गया था. ECI ने ऐसा करने पर प्रतिबंध लगा दिया था. मिड डे ने RO के हवाले से लिखा है कि उन्हें 11 जून को मुंबई पुलिस से एक पत्र मिला, जिसमें CCTV फुटेज का अनुरोध किया गया था. और FIR दर्ज करने के लिए शिकायतकर्ता की मांग की गई थी. RO ने कहा है कि वो CCTV फुटेज भेज देंगे, आसपास में 77 CCTV कैमरे हैं.

क्या है विवाद?
विवाद 4 जून को शुरू हुआ जब शिवसेना उम्मीदवार रवींद्र वायकर के रिश्तेदार मंगेश पंडिलकर को वोटों की गिनती के दौरान नेस्को सेंटर में कथित तौर पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए देखा गया. भारत जन आधार पार्टी के सुरिंदर मोहन अरोड़ा ने तुरंत वनराई पुलिस को इसकी सूचना दी और FIR दर्ज करने का अनुरोध किया. वनराई पुलिस ने पंडिलकर का फोन जब्त कर लिया है, लेकिन अभी तक कोई कॉल डेटा रिकॉर्ड (CDR) या सब्सक्राइबर डेटा रिकॉर्ड (SDR) नहीं मिला है. हालांकि, अरोड़ा का बयान दर्ज कर लिया गया है, लेकिन अभी तक FIR दर्ज नहीं हुई है. अरोड़ा ने कहा है कि वनराई पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने उन्हें बताया कि वरिष्ठ निरीक्षक उपलब्ध नहीं हैं, और वो उनके बिना पेपर पर हस्ताक्षर नहीं कर सकते.

अमोल कीर्तिकर और अरोड़ा जैसे उम्मीदवार इस मामले में याचिका दायर करने के लिए हाई कोर्ट जाने के लिए विचार कर रहे हैं. 48 वोटों से हारने वाले कीर्तिकर ने मिड डे से कहा है कि FIR दर्ज करने में देरी से सबूतों के साथ छेड़छाड़ हो सकती है. मुंबई पुलिस ने मोबाइल फोन जब्त कर लिया है, जबकि RO ने CCTV फुटेज अपने पास रख ली है.

मुंबई पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि निष्पक्ष जांच के लिए शिकायतकर्ता RO ऑफिस से होना चाहिए. अधिकारी ने कहा कि इस मामले में चुनाव आयोग शामिल है इसलिए वो सतर्क हैं. एक बार FIR दर्ज हो जाए फिर कॉल रिकॉर्ड प्राप्त किया जा सकेगा और फोन की जांच की जा सकेगी. अधिकारी ने ये भी कहा है कि FIR के बाद जांच रिपोर्ट RO या कलेक्टर को सौंपी जाएगी.

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