असल न्यूज़। दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद एमसीडी ने आवारा और खूंखार कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए नई पहल शुरू की है। निगम ने मौजूदा शेल्टर होम की क्षमता को दोगुना करने और नए डॉग शेल्टर सेंटर बनाने की योजना बनाई है। फिलहाल एमसीडी के पास लगभग 4,000 कुत्तों को रखने की क्षमता है, जिसे बढ़ाकर 8,000 करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए द्वारका और बिजवासन में नए डॉग शेल्टर सेंटर बनाए जाएंगे।
फीडिंग पॉइंट्स बनाने की प्रक्रिया शुरू
एमसीडी की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने अधिकारियों के साथ इन स्थलों का जायजा किया। इस दौरान आवारा कुत्तों की समस्या पर विस्तार से चर्चा हुई और शेल्टर सेंटरों के निर्माण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। शर्मा ने बताया कि निगम ने आवारा कुत्तों के लिए भोजन स्थल (फीडिंग पॉइंट्स) बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और इसके लिए दिल्ली सरकार से सहयोग भी मांगा जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक उपसमिति का भी गठन किया गया है।
नसबंदी और टीकाकरण की प्रक्रिया होगी तेज
एमसीडी का लक्ष्य है कि पशु कल्याण और नागरिक हितों के बीच संतुलन बनाया जाए, ताकि समस्या का स्थायी समाधान निकले। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि एबीसी सेंटरों में नसबंदी और टीकाकरण की प्रक्रिया को तेज किया जाए। जिससे आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियत्रंण पाया जा सके। साथ ही, शेल्टर होम्स में केनेल की संख्या बढ़ाकर अधिक से अधिक कुत्तों का इलाज और देखभाल सुनिश्चित की जाएगी।

