असल न्यूज़। अलीपुर के स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज में आंतरिक इंटरनैशनल शिपयार्ड (आईक्यूएसी) के एंजिनियो में ‘डेवलपमेंट भारत@2047: स्कॉलरशिप, अवसर और प्रगति’ विषय पर एक भव्य राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सारथी से शिक्षाशास्त्री, शोधार्थी और विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कॉलेज के कार्यशाला प्रो. प्रवीण गर्ग ने सभी फर्मों और कर्मचारियों का स्वागत करते हुए कहा कि विकसित भारत का सपना साकार करने के लिए परिवार, समाज और पर्यावरण स्तर पर सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। उन्होंने इसे एक “महान और ऐतिहासिक अवसर” बताया।
कार्यक्रम की समसामयिक डॉ. आराधना चड्ढा ने विषय का गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया। वहीं डॉ. रचना सिंह, डॉ. आंचल सेठी, डॉ. दीपा गर्ग और डॉ. पूर्वा मास्टर्स ने छात्रों और सहयोगियों का मार्गदर्शन किया।
मुख्य अतिथि प्रोफेसर बलराम पाणि (डीन ऑफ कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय) ने कहा कि नए दौर के उद्घाटन समारोह के लिए भारतीयता से प्रेरित प्रेरणा की जरूरत है।
विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर सुरेंद्र कुमार ने अपने दावे में कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश की अर्थव्यवस्था को 9% विकास दर और 30 ट्रिलियन से अधिक के स्तर तक पहुंचाया जाएगा।
वहीं प्रो. अवनीश मित्तल ने भारत@2047 को नई शिक्षा नीति 2020 से विकसित किया है, जिसमें डॉयलॉग की भूमिका पर ज़ोर दिया गया है।प्रसिद्ध गुरु सुबोध ने कहा था कि ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भारतीय सोच के कारण आज विश्व भारत की ओर आशा भरी नजरें दिख रही हैं।
400 से अधिक शोध-पत्रों का हुआ वचन
सिद्धांत के दौरान विभिन्न सत्रों में 400 से अधिक शोध-पत्र प्रस्तुत किये गये। इन सत्रहों की राष्ट्रपति प्रो. उश सहायक कौर, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. आनंद शर्मा, प्रो. सीमा गुप्ता, प्रो. इंट्रक्शन, डॉ. निधी शर्मा और डॉ. भावना ने की.
शोध-पत्रों में कई अहम विषय शामिल हैं, जैसे:
भाषाईसंविधान
शिक्षा में वित्त पोषण
संस्थापक पर यौन उत्पीड़न
नई शिक्षा नीति 2020
महिला सुरक्षा और ई-कॉमर्स
प्लास्टिक कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण
शेयर बाजार की भविष्यवाणी के माध्यम से मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग
पोस्टमास्टर्स डॉ. सहयोग. कमल कौशिक और डॉ. गौरी देवी ने किया। कार्यक्रम के अंत में सह-संयोजिका डॉ. रचना सिंह ने सभी सहयोगियों, सहयोगियों और कलाकारों के कॉमर्स के साथ मिलकर को सफल बताया।

