प्रदीप सिंह उज्जैन। आउटर नॉर्थ जिला के नरेला थाना पुलिस की प्रभावी जांच और न्यायालय में त्वरित सुनवाई के चलते स्नैचिंग के एक मामले में आरोपी को दो महीने से भी कम समय में दोषी करार दिया गया है। पुलिस के अनुसार, 11 जून 2026 को होली चौक, नरेला के पास आरोपी आबिद उर्फ प्रवीण ने शिकायतकर्ता रमेश से 400 रुपये छीन लिए थे। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया गया और उसके कब्जे से छीने गए 400 रुपये बरामद कर लिए गए।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी को 15 जनवरी 2026 से दिल्ली से निष्कासित (Externed) किया गया था, इसके बावजूद वह राजधानी में मौजूद था, जो दिल्ली पुलिस अधिनियम का उल्लंघन है। मामले की सुनवाई जेएमएफसी-01 (नॉर्थ) के माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री ऋषभ कपूर की अदालत में स्पीडी ट्रायल के तहत हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक श्री बुधिराजा ने पैरवी की।
4 अगस्त 2026 को अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 304(2) के तहत स्नैचिंग तथा दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 53/116 के तहत निष्कासन आदेश का उल्लंघन करने का दोषी ठहराया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पीड़ित की गवाही विश्वसनीय है, मौके पर हुई बरामदगी ने पुलिस के मामले को मजबूत किया और आरोपी की पहचान को लेकर किसी प्रकार की शंका नहीं है। बचाव पक्ष द्वारा लगाए गए झूठे फंसाने के तर्क को अदालत ने स्वीकार नहीं किया।
दिल्ली पुलिस ने इस सफल जांच के लिए एसएचओ इंस्पेक्टर राजेंद्र, एसआई लोकेश कुमार और उनकी टीम की सराहना की है। सजा पर अंतिम सुनवाई अभी बाकी है।

