असल न्यूज़। द्वारका जिले में घोषित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सेक्टर-23 द्वारका पुलिस ने NDPS एक्ट के एक मामले में लंबे समय से ट्रायल से बच रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को अदालत द्वारा 25 जुलाई 2026 को Proclaimed Offender (घोषित अपराधी) घोषित किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान रंजीत पुत्र राजकुमार, उम्र 28 वर्ष, निवासी कपासहेड़ा गांव, दिल्ली के रूप में हुई है। उसके खिलाफ थाना कपासहेड़ा में NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज है।
गुप्त सूचना के आधार पर बिछाया जाल
द्वारका पुलिस के अनुसार, डीसीपी द्वारका कुशल पाल सिंह, IPS के निर्देश पर जिले में घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत थाना सेक्टर-23 द्वारका में SHO इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह के नेतृत्व और ACP द्वारका सब-डिवीजन किशोर कुमार रेवाला की निगरानी में विशेष टीम गठित की गई।
10 अगस्त 2026 को टीम के सदस्य SI सतपाल डागर को सूचना मिली कि घोषित अपराधी रंजीत वर्तमान में गली नंबर 8, कपासहेड़ा गांव में रह रहा है। पुलिस टीम ने सूचना को विकसित करने के बाद मौके पर जाल बिछाया और आरोपी को दबोच लिया।
NDPS एक्ट के मामले में घोषित अपराधी
पुलिस के मुताबिक, रंजीत को FIR नंबर 84/2026 में धारा 20(b) NDPS Act के तहत दर्ज मामले में अदालत ने 25 जुलाई 2026 को Proclaimed Offender घोषित किया था। यह आदेश द्वारका कोर्ट्स/साउथ-वेस्ट दिल्ली के विशेष NDPS न्यायाधीश राहुल भाटिया की अदालत द्वारा जारी किया गया था।
आरोपी अदालत की कार्रवाई से बच रहा था और लगातार गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
पहले भी NDPS एक्ट का मामला दर्ज
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी रंजीत पहले भी NDPS एक्ट के मामले में शामिल रहा है। उसके खिलाफ FIR नंबर 11/2023, धारा 20(b) NDPS Act, थाना कपासहेड़ा, दिल्ली में मामला दर्ज है।
द्वारका पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उसके आपराधिक रिकॉर्ड और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
घोषित अपराधियों पर पुलिस की नजर
द्वारका पुलिस का कहना है कि जिले में घोषित अपराधियों और कानून से बच रहे आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस टीमों को ऐसे आरोपियों के संभावित ठिकानों और गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
रंजीत की गिरफ्तारी को भी इसी अभियान के तहत पुलिस की कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।

