असल न्यूज़। उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस की साइबर थाना टीम ने शेयर बाजार में निवेश पर आकर्षक रिटर्न का झांसा देकर 20.72 लाख की साइबर ठगी करने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक निजी बैंक का डिप्टी मैनेजर भी शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अपराध में इस्तेमाल किए गए 4 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कनहैया दास, राहुल टेलर और आरिफ हुसैन मंसूरी के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने शेयर बाजार में निवेश के नाम पर पीड़ित को आकर्षक रिटर्न का लालच दिया और इसी बहाने उससे लाखों रुपये की ठगी की।
शेयर बाजार में निवेश के नाम पर हुई ठगी
मामले की शुरुआत शिकायतकर्ता नितिन अरोड़ा की ऑनलाइन शिकायत से हुई। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि साइबर अपराधियों ने शेयर बाजार में निवेश के जरिए अच्छा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर उससे 20,72,000 की रकम ठग ली।
मनी ट्रेल से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
मामले की जांच के दौरान पुलिस टीम ने ठगी की रकम के मनी ट्रेल, बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, तकनीकी साक्ष्यों और लाभार्थी खातों की लोकेशन का विश्लेषण किया।
जांच में पता चला कि ठगी की रकम एक बैंक खाते में पहुंची थी और इसके बाद चेक के माध्यम से नकदी निकाली गई। तकनीकी निगरानी और मैदानी सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के मावली, उदयपुर, राजस्थान स्थित ठिकाने की पहचान की।
इसके बाद 23 मई 2026 को कनहैया दास और राहुल टेलर को मावली, उदयपुर से गिरफ्तार किया गया।
2% कमीशन के बदले बैंक खाते की सुविधा देने का आरोप
पुलिस के अनुसार, जांच में कनहैया दास का बैंक खाता ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए इस्तेमाल किया गया था। वहीं राहुल टेलर ने सेल्फ चेक के जरिए नकदी निकालने और रकम ट्रांसफर करने में कथित तौर पर भूमिका निभाई।
आगे की जांच और बरामद मोबाइल फोन से मिले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर निजी बैंक के डिप्टी मैनेजर आरिफ हुसैन मंसूरी की कथित संलिप्तता सामने आई।
पुलिस का आरोप है कि आरिफ हुसैन मंसूरी ने 2% कमीशन के बदले बैंकिंग व्यवस्था उपलब्ध कराने में मदद की। संबंधित बैंक खाते का इस्तेमाल कथित तौर पर सेकंड-लेयर खाते के तौर पर किया गया, जिसके माध्यम से इस मामले से जुड़ी करीब 2 लाख की रकम ट्रांसफर हुई।
इसके बाद पुलिस ने आरिफ हुसैन मंसूरी को भी मावली, उदयपुर, राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों की पहचान कनहैया दास, मावली, उदयपुर, राजस्थान निवासी। पुलिस के अनुसार टैक्सी चालक के रूप में काम करता था। दूसरे आरोपी की पहचान राहुल टेलर,मावली, उदयपुर, राजस्थान। पुलिस के अनुसार धनराशि ट्रांसफर और नकदी निकासी में भूमिका। आरिफ हुसैन मंसूरी, फतेहनगर, राजस्थान का है निजी बैंक में डिप्टी मैनेजर।
4 मोबाइल फोन बरामद
पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से 4 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइल उपकरणों से मिले डिजिटल साक्ष्यों की जांच के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने लोगों से की साइबर ठगी से बचने की अपील
पुलिस ने लोगों को शेयर बाजार और ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाली साइबर ठगी से सावधान रहने की सलाह दी है। पुलिस के मुताबिक गारंटीड या तुरंत मुनाफे का लालच देने वाले अनजान कॉल, मैसेज, सोशल मीडिया प्रोफाइल और ऑनलाइन ग्रुप से सतर्क रहें।
किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, पासवर्ड, बैंकिंग डिटेल या अन्य वित्तीय जानकारी साझा न करें। निवेश करने से पहले संबंधित प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता की जांच करें और जानकारी केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त करें।

