नई दिल्ली। आगामी 03 मार्च को चन्द्रग्रहण के चलते जहां देश के सभी मंदिरों के कपाट सुबह 6 बजकर 20 मिनट से शाम 6 बजकर 47 मिनट तक बंद रहेंगे, वहीं विश्व प्रसिद्ध राजधानी दिल्ली के प्राचीन सिद्धपीठ श्री कालका जी मंदिर के कपाट पूरे ग्रहणकाल में मां कालका के भक्तों के दर्शनार्थ खुले रहेंगे।
मंदिर के मुख्य पुजारी संजय भारद्वाज और हिमांशु भारद्वाज ने बताया,कि कालकापीठ मंदिर के 12 द्वार जहां 12. राशियो के आधार पर है,वही मां कालका के गर्भगृह में नवग्रह भी विराजमान हैं, जिसमें सूर्य और चन्द्र भी है। उन्होंने बताया,कि जिस समय राहु चन्द्र को ग्रसित करता है,उस समय मां कालका उनकी रक्षा करने के लिए अपने द्वार को खुला रखती है और पुत्र रुप में चन्द्र देव की रक्षा करती है, इसीलिए उस दिन जो भी भक्त मां कालका के दर्शन करने आता है,तो मां कालका पुत्र स्वरुप भक्तो की रक्षा कर उन्हें आशीर्वाद देती है।
पुजारी संजय हिमांशु भारद्वाज ने बताया,कि मां कालका साक्षात काल की स्वामिनी है,इस लिए ग्रहणकाल में मां कालका के दर्शन करने वालो के कष्टों का निवारण होता है। इसलिए सिर्फ और सिर्फ कालकापीठ चन्द्रग्रहण काल के समय आम भक्तों के दर्शनो के लिए खुला रहेगा।

