असल न्यूज़: आज शनिवार, 30 मई 2026 को ज्येष्ठ अधिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। धार्मिक दृष्टि से आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि आज ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा व्रत रखा जाएगा। चतुर्दशी तिथि दोपहर 11 बजकर 57 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद पूर्णिमा तिथि प्रारंभ हो जाएगी। वहीं पूर्णिमा स्नान और दान का विशेष महत्व 31 मई को रहेगा।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज विशाखा नक्षत्र और शिव योग का शुभ संयोग बन रहा है, जो धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।
आज की तिथि और पंचांग
- दिन: शनिवार
- मास: ज्येष्ठ (अधिक)
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- तिथि: शुक्ल चतुर्दशी (दोपहर 11:57 बजे तक), इसके बाद पूर्णिमा
- संवत: 2083
आज के शुभ योग
- शिव योग: पूरे दिन और पूरी रात (अगले दिन सूर्योदय तक)
- करण: वणिज (11:57 बजे तक)
- विष्टि (भद्रा): रात्रि 01:05 बजे (31 मई) तक, इसके बाद बव करण
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
- सूर्योदय: प्रातः 05:24 बजे
- सूर्यास्त: सायं 07:13 बजे
- चंद्रोदय: सायं 06:40 बजे
- चंद्रास्त: प्रातः 04:50 बजे (31 मई)
राशियों में ग्रहों की स्थिति
- सूर्य देव: वृषभ राशि में
- चंद्र देव: प्रातः 06:39 बजे तक तुला राशि में, इसके बाद वृश्चिक राशि में प्रवेश
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 11:51 बजे से 12:46 बजे तक
अमृत काल
31 मई प्रातः 04:33 बजे से 06:21 बजे तक
आज के अशुभ समय
राहुकाल
प्रातः 08:51 बजे से 10:35 बजे तक
गुलिक काल
प्रातः 05:24 बजे से 07:08 बजे तक
यमगण्ड
दोपहर 02:02 बजे से 03:46 बजे तक
आज का नक्षत्र
आज विशाखा नक्षत्र दोपहर 01:20 बजे तक रहेगा, इसके बाद अनुराधा नक्षत्र प्रारंभ होगा।
विशाखा नक्षत्र के स्वामी बृहस्पति देव हैं और इसकी अधिष्ठाता देवता इंद्राग्नि माने जाते हैं। यह नक्षत्र महत्वाकांक्षा, सफलता, साहस, आध्यात्मिकता और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक माना जाता है।
पूर्णिमा व्रत का महत्व
ज्येष्ठ अधिक मास की पूर्णिमा को स्नान, दान, जप, तप और भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत और पूजा करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है तथा जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

