नई दिल्ली: मां दुर्गा को समर्पित पावन पर्व चैत्र नवरात्रि शुरू होने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं। हिंदू धर्म में इस पर्व को बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। हर साल चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवरात्रि की शुरुआत होती है और नौ दिनों तक भक्त पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं।
नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना की जाती है, जिसे इस पर्व की औपचारिक शुरुआत माना जाता है। इसके बाद नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ रूपों—मां शैलपुत्री, मां ब्रह्मचारिणी, मां चंद्रघंटा, मां कुष्मांडा, मां स्कंदमाता, मां कात्यायनी, मां कालरात्रि, मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है।
19 मार्च से शुरू होगी चैत्र नवरात्रि
साल 2026 में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से होगी। इसी दिन घटस्थापना के साथ नौ दिनों का यह पावन पर्व शुरू होगा। इस दौरान मंदिरों और घरों में विशेष पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन और व्रत रखे जाते हैं।
24 से 28 मार्च तक प्रमुख तिथियां
नवरात्रि के अंतिम दिनों में कई महत्वपूर्ण पूजा और अनुष्ठान किए जाते हैं।
24 मार्च – बेलवरण और षष्ठी पूजा
इस दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप की पूजा की जाएगी। षष्ठी तिथि शाम 6:54 बजे तक रहेगी।
25 मार्च – महासप्तमी
इस दिन मां के सातवें स्वरूप की पूजा होती है। इसी दिन से पंडालों में मां दुर्गा की विधिवत पूजा शुरू होती है। सप्तमी तिथि शाम 4:30 बजे तक रहेगी, जिसके बाद अष्टमी शुरू होगी। इसी दिन अष्टमी का दीपदान भी किया जाएगा।
26 मार्च – महाअष्टमी
इस दिन महाअष्टमी का व्रत रखा जाएगा। अष्टमी तिथि दोपहर 2:15 बजे तक रहेगी, इसके बाद नवमी तिथि शुरू हो जाएगी। इसी दिन संधि पूजा और संधि बलि का भी विशेष महत्व होता है।
27 मार्च – महानवमी
महानवमी के दिन विशेष पूजा, हवन और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। हवन का समय दोपहर 12:02 बजे तक बताया गया है।
28 मार्च – विजयदशमी
नवरात्रि का समापन दशमी तिथि पर होता है। इस दिन सुबह 10:06 बजे तक दशमी तिथि रहेगी।
इस बार मां दुर्गा की सवारी क्या होगी
ज्योतिषाचार्य डॉ. एन. के. बेरा के अनुसार हर साल नवरात्रि में मां दुर्गा के आगमन और प्रस्थान की सवारी का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इससे आने वाले समय के संकेत मिलते हैं।
साल 2026 में मां दुर्गा का आगमन डोली (पालकी) पर और प्रस्थान मुर्गा पर होगा।
कैसे तय होती है मां दुर्गा की सवारी
ज्योतिष के अनुसार नवरात्रि के पहले दिन यानी घटस्थापना के दिन का वार देखकर मां दुर्गा की सवारी तय होती है।
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रविवार या सोमवार को शुरुआत हो तो माता हाथी पर आती हैं।
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शनिवार या मंगलवार को शुरुआत हो तो माता घोड़े पर आती हैं।
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गुरुवार या शुक्रवार को शुरुआत होने पर माता पालकी (डोली) पर आती हैं।
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बुधवार को शुरुआत होने पर माता नौका पर सवार होती हैं।
क्योंकि साल 2026 में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार को हो रही है, इसलिए इस बार माता रानी का आगमन पालकी पर माना जा रहा है।
चैत्र नवरात्रि का यह पर्व भक्तों के लिए आस्था, भक्ति और शक्ति की साधना का समय होता है। इन नौ दिनों में लोग मां दुर्गा से सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।

