अजय शर्मा: राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा मामला शालीमार बाग इलाके का है, जहां मछलियों से भरी गाड़ियों को रोककर कथित रूप से अवैध वसूली करने के आरोप सामने आए हैं।
जानकारी के मुताबिक, शालीमार बाग मैक्स रोड से होते हुए आजादपुर मंडी की ओर जाने वाले अंडरपास के पास दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के एक जवान ने चार मछली से भरी गाड़ियों को रोका। आरोप है कि चालान काटने के बजाय पुलिसकर्मी ने वाहन चालकों के मोबाइल फोन से किसी अन्य व्यक्ति से लंबी बातचीत की।
बताया जा रहा है कि यह क्षेत्र अशोक विहार ट्रैफिक सर्किल के अंतर्गत आता है। मामले की जानकारी संबंधित ट्रैफिक इंस्पेक्टर को व्हाट्सएप के माध्यम से दे दी गई है, हालांकि अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि हरियाणा के सिंघु बॉर्डर से दिल्ली में प्रवेश करने वाली मछली से भरी गाड़ियां नरेला, बादली ट्रैफिक सर्किल एरिया से होते हुए शालीमार बाग तक पहुंचती हैं, और रास्ते में विभिन्न पॉइंट्स पर उनसे कथित तौर पर ₹3000 से ₹5000 तक की वसूली की जाती है।
गौरतलब है कि हाल ही में जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के पास अवैध ईको टैक्सियों का मुद्दा भी सामने आया था, लेकिन उस पर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि संबंधित ट्रैफिक सर्किल इस मामले में क्या कदम उठाता है। बता दें जहाँगीर पूरी मेट्रो स्टेशन आज भी सड़क जाम किए “अवैध ईको टैक्सियां” खड़ी रहती हैं और मॉडल टाउन ट्रेफिक सर्किल द्वारा कोई ढोस कदम नहीं उठाया गया, जबकि इस मामले को लेकर दिल्ली के राजयपाल, मुक्यमंत्री, दिल्ली पुलिस, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को X के माद्यम से जानकारी दी गई थी
जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन पर अवैध ‘इको’ गाड़ियों का जमावड़ा, मॉडल टाउन ट्रैफिक सर्किल की अनदेखी.
फिलहाल, इस पूरे मामले पर आधिकारिक जांच और कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।

