असल न्यूज़: राजधानी दिल्ली में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से जुड़े एक मैनेजर और एक इन्वेस्टिगेटर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
सीबीआई के अनुसार, यह मामला 7 अप्रैल 2026 को दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कंपनी का नियुक्त इन्वेस्टिगेटर हरियाणा के मानेसर स्थित एक निजी अस्पताल की कैशलेस मेडिकल सुविधा दोबारा शुरू कराने के लिए 3 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा था।
जांच में सामने आया कि आरोपी को इस मामले की जांच के लिए कंपनी के दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय से नियुक्त किया गया था।
आरोपियों के नाम
- हनुमान मीणा — प्रबंधक, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, दिल्ली
- संतोष कुमार जैन — नियुक्त अन्वेषक (इन्वेस्टिगेटर), दिल्ली
पहले ले चुका था 1 लाख, फिर तय हुआ सौदा
शिकायतकर्ता ने सीबीआई को बताया कि वह पहले ही आरोपी को 1 लाख रुपये दे चुका था। बाद में बातचीत के दौरान कुल रिश्वत की रकम 2.60 लाख रुपये तय हुई। आरोपी ने शेष 1.60 लाख रुपये 7 अप्रैल को देने के लिए कहा था।
CBI का ट्रैप, रंगे हाथ गिरफ्तारी
सीबीआई ने जाल बिछाकर कार्रवाई की और आरोपी इन्वेस्टिगेटर को 1.60 लाख रुपये की रिश्वत मांगते और लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। पूछताछ और जांच के दौरान कंपनी के मैनेजर की भूमिका भी सामने आई, जिसके बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच जारी
सीबीआई अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस रिश्वतखोरी नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हो सकता है।

